लखनऊ कचहरी में चला बुलडोजर: 240 से ज्यादा अवैध वकील चैंबर जमींदोज
1:19 PM, Nov 2, 2026
R Express भारत
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लखनऊ सिविल कोर्ट के बाहर हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद नगर निगम और प्रशासन का बुलडोजर गरजा है। कैसरबाग इलाके में स्थित कचहरी परिसर के आसपास बने करीब 240 से

photo by - ( chat GPT )
लखनऊ सिविल कोर्ट के बाहर हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद नगर निगम और प्रशासन का बुलडोजर गरजा है। कैसरबाग इलाके में स्थित कचहरी परिसर के आसपास बने करीब 240 से अधिक अवैध वकील चैंबरों और दुकानों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। पिछले 20 से 30 सालों से जमे इस अतिक्रमण को हटाने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई थी। इस अचानक हुई बड़ी कार्रवाई से पूरे इलाके के दुकानदारों और कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।
फुटपाथ और सड़कों पर था सालों पुराना कब्जा
कचहरी और सिविल कोर्ट के आसपास के रास्तों, नालियों और फुटपाथों पर सालों से पक्के और कच्चे चैंबर बनाकर काम चल रहा था। स्थानीय लोगों और राहगीरों को इसकी वजह से रोजाना भारी जाम से जूझना पड़ता था। इस अव्यवस्था को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। अदालत के साफ निर्देश के बाद नगर निगम की टीम ने पहले पूरे इलाके का सर्वे किया और फिर पूरी तैयारी के साथ तड़के ही बुलडोजर लेकर टीम मौके पर पहुंच गई।
वकीलों का भारी विरोध और नारेबाजी
जैसे ही बुलडोजर चलने की खबर फैली, बड़ी संख्या में वकील और स्थानीय दुकानदार मौके पर इकट्ठा हो गए। कई अधिवक्ताओं ने कार्रवाई को रोकने की कोशिश की, तीखा विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कुछ वकील तो विरोध स्वरूप बुलडोजर के आगे भी लेट गए। वकीलों का कहना है कि वे दशकों से यहीं बैठकर अपनी वकालत और आजीविका चला रहे थे। उनका आरोप है कि बिना किसी वैकल्पिक जगह या बैठने का इंतजाम किए उनके चैंबरों को इस तरह उजाड़ना पूरी तरह गलत है।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
वकीलों के भारी गुस्से और हंगामे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम कर रखे थे। मौके पर कई थानों की पुलिस के साथ पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था। आला अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिससे वकीलों का विरोध ज्यादा उग्र रूप नहीं ले पाया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक रास्तों और नालियों को घेरकर किए गए किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद अब कैसरबाग और सिविल कोर्ट के आसपास की सड़कें पूरी तरह साफ और चौड़ी नजर आ रही हैं।


