बारिश के कीचड़ से बचने के लिए पकड़ा ई-रिक्शा, करंट लगने से तड़प-तड़प कर गई मासूम की जान
6:14 PM, Aug 7, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के पीजीआई इलाके से एक बेहद ही झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सड़क किनारे लापरवाही से चार्ज हो रहे एक ई-रिक्शा में उतरे करंट की चपेट में आने से

मुकेश की फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के पीजीआई इलाके से एक बेहद ही झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सड़क किनारे लापरवाही से चार्ज हो रहे एक ई-रिक्शा में उतरे करंट की चपेट में आने से 18 साल के एक मासूम युवक की दर्दनाक मौत हो गई। वह सिर्फ सड़क पर जमा कीचड़ और पानी से बचकर आगे निकलने की कोशिश कर रहा था।
कमाने आया था लखनऊ, कीचड़ से बचने की कोशिश बन गई काल
मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के रहने वाले रामलाल का 18 वर्षीय बेटा मुकेश कुमार अपने भाई शंकर और दोस्त राधेश्याम के साथ लखनऊ में रहता था। ये लोग पीजीआई इलाके के उतरेठिया में यादव आटा चक्की के पास किराए का कमरा लेकर रहते थे और पेट पालने के लिए इलाके में ही आइसक्रीम का ठेला लगाते थे।
रोज की तरह मुकेश बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे किसी काम से कमरे से बाहर निकला था। लगातार हो रही बारिश की वजह से सड़क पर हर तरफ कीचड़ और पानी भरा हुआ था। मुकेश पैदल ही रास्ते से गुजर रहा था और कीचड़ से पैर बचाने के लिए किनारे से चल रहा था। तभी घर से कुछ ही दूरी पर सड़क किनारे एक ई-रिक्शा चार्जिंग पर लगा हुआ खड़ा था। आगे का रास्ता पार करने के लिए मुकेश ने जैसे ही ई-रिक्शा को हाथ से पकड़ा, वह ज़ोर से उसमें चिपक गया। ई-रिक्शा की बॉडी में तेज़ करंट दौड़ रहा था। कुछ ही मिनटों में करंट के जोरदार झटके खाकर वह बेहोश होकर ज़मीन पर गिर पड़ा। यह नज़ारा देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।
बचाने दौड़ा दोस्त भी आया चपेट में, अस्पताल में तोड़ा दम
आसपास के पड़ोसियों ने तुरंत मुकेश के कमरे पर जाकर उसके दोस्त राधेश्याम और भाई शंकर को हादसे की खबर दी। मौके पर पहुंचे दोस्त राधेश्याम ने जैसे ही बिना सोचे-समझे मुकेश को बचाने के लिए हाथ लगाया, वह खुद भी करंट की ज़द में आ गया। वहाँ इकट्ठा हुए लोगों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर दोनों को बिजली के झटके से अलग किया। इसके बाद मकान मालिक और परिवार के लोग आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए पीजीआई के ट्रामा-2 ले गए। जहाँ डॉक्टरों ने राधेश्याम को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी, वहीं गंभीर रूप से झुलसे मुकेश ने इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह दम तोड़ दिया।
मुकेश की मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया है। माँ बाली देवी और भाई शंकर का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि ई-रिक्शा चालक ने बीच सड़क पर बेहद लापरवाही से गाड़ी को चार्जिंग पर लगा रखा था, जिसकी वजह से उनके घर का चिराग बुझ गया। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

