CEC vs विपक्ष: चुनाव आयोग के फैसलों पर उठे सवाल, सड़क से संसद तक संग्राम
1:01 PM, Oct 1, 2026
R Express भारत
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।देश में चुनावी पारदर्शिता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। विपक्षी INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कु

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उत्तर प्रदेश।देश में चुनावी पारदर्शिता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। विपक्षी INDIA गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है। राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक अहम बैठक के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग पर एकतरफा फैसले लेने और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी का गंभीर आरोप लगाया है।
इस बड़े सियासी टकराव की मुख्य वजह मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आई वह जानकारी है, जिसके अनुसार चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया को लेकर कई मौकों पर असहमति जताई थी। इस रिपोर्ट के सामने आते ही विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को आड़े हाथों लिया। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति और लोकतांत्रिक तरीके से लिए गए हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग की है। बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनावी सूचियों और प्रक्रियाओं में गड़बड़ी की जा रही है, जिसके खिलाफ वे सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने का भी संकेत दिया है।
दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस मुद्दे पर पूरे विपक्ष को एकजुट करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। कांग्रेस और सहयोगी दल संसद के आगामी सत्र में सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही, कांग्रेस ने चुनाव आयुक्तों की जवाबदेही तय करने के लिए एक सख्त कानून की वकालत की है, जिसे विपक्षी खेमे का मजबूत समर्थन मिल रहा है।
दिल्ली, कोलकाता, पटना और चंडीगढ़ सहित देश के कई बड़े शहरों में विपक्षी कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। हालांकि, इस आंदोलन के बीच विपक्षी एकजुटता में कुछ कमियां भी नजर आई हैं। दिल्ली में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक से समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और डीएमके नेता एमके स्टालिन व्यक्तिगत रूप से दूर रहे, जिससे गठबंधन के अंदरूनी मतभेदों की चर्चा भी शुरू हो गई है।
संख्या बल के लिहाज से संसद में महाभियोग प्रस्ताव को पास कराना विपक्ष के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, लेकिन INDIA गठबंधन इस मुद्दे के जरिए जनता के बीच एक बड़ा राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रहा है।

