खरगे के तीखे बोल पर घमासान, भाजपा का देशव्यापी हल्लाबोल
1:32 PM, Oct 26, 2026
R Express भारत
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बिहार की राजधानी पटना में दिए गए एक विवादित बयान के बाद पूरे देश क

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश। देश में राजनीतिक बयानबाजी का स्तर एक बार फिर बेहद निचले स्तर पर पहुंच गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बिहार की राजधानी पटना में दिए गए एक विवादित बयान के बाद पूरे देश का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। खरगे की इस टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और आज पूरे देश में सड़कों पर उतरकर भारी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के मौके पर एक राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में भाषण के दौरान जब एक व्यक्ति ने कहा कि 'प्रधानमंत्री कहीं नहीं जाने वाले', तो इस पर पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने बेहद तल्ख लहजे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने मंच से इस बात को कई बार दोहराया, जिसके बाद भाजपा आगबबूला हो गई।
भाजपा का देशव्यापी प्रदर्शन और कड़ा ऐतराज
खरगे के इस बयान को भाजपा ने न केवल प्रधानमंत्री पद का अपमान माना है, बल्कि इसे उनके दिवंगत पिता पर एक बेहद अभद्र और अमर्यादित टिप्पणी करार दिया है। गृह मंत्री अमित शाह से लेकर बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनावों में बार-बार मिल रही हार की हताशा में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व अपनी मानसिक संतुलन और मर्यादा खो चुका है। इसी गुस्से के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने आज देश के अलग-अलग राज्यों और प्रमुख शहरों में कांग्रेस और खरगे के पुतले फूंके और जमकर नारेबाजी की। इस मामले में पटना में कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ एक शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
खरगे का पलटवार: ईवीएम और वोटर लिस्ट पर उठाए सवाल
दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने कदम पीछे खींचने के बजाय सत्ता पक्ष पर अपने हमलों को और ज्यादा धार दे दी है। खरगे और कांग्रेस पार्टी के अन्य बड़े नेता लगातार अपने बयान का बचाव कर रहे हैं। खरगे ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आड़े हाथों लेते हुए एक नया मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के कामकाज और इसके साथ ही वोटर लिस्ट में किए जा रहे बदलावों की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि चुनावों को प्रभावित करने के लिए पर्दे के पीछे से खेल खेला जा रहा है।
कुल मिलाकर, एक तरफ जहाँ भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर कांग्रेस को घेरने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ईवीएम और चुनावी निष्पक्षता का मुद्दा उठाकर जनता का ध्यान खींचने की कोशिश कर रही है। दोनों तरफ से मचे इस घमासान ने आने वाले दिनों के लिए सियासी जंग को और ज्यादा तीखा कर दिया है।

