ठंड के मौसम में मरीजो की उमडी भीड,लोगो को मुश्किलो ने घेरा
मौसम में ठंड की वजह से चारो ओर बिमारियां फैंल रही है। जिसको लेकर लोगो के बीच डर का माहौल हो गया है। ठंड ने लोगो का घर से लेकर बाहर निकलने से लेकर सबकुछ मुश्किल कर दिया है। धूप निकलने का नाम नही नही ले रही है। जिसकी वजह से ठंड और भी ज्यादा महसूस हो रही है। जिसके चलते बिमारियां ने लोगो को घेर लिया है। इसीलिए आपकी सेहत ठीक रहे इसके लिए आपको हम ठंड से बचने के सारे उपाय बताएंगे।
lucknow
4:40 PM, Jan 4, 2026
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उत्तर प्रदेश। मौसम में ठंड की वजह से चारो ओर बिमारियां फैंल रही है। जिसको लेकर लोगो के बीच डर का माहौल हो गया है। ठंड ने लोगो का घर से लेकर बाहर निकलने से लेकर सबकुछ मुश्किल कर दिया है। धूप निकलने का नाम नही नही ले रही है। जिसकी वजह से ठंड और भी ज्यादा महसूस हो रही है। जिसके चलते बिमारियां ने लोगो को घेर लिया है। इसीलिए आपकी सेहत ठीक रहे इसके लिए आपको हम ठंड से बचने के सारे उपाय बताएंगे।
बचाव के क्या है उपाय ?
ठंड से बचने के लिए आपको गर्म कपड़े पहनने चहिए। सुबह उठकर गर्म चाय, सूप , हल्दी-दूध और गुड़ जैसे पौष्टिक भोजन खाना चहिए और नियमित व्यायाम करना उचित होता है। ठंडी हवा से बचने के लिए घर में रहें या स्कार्फ से चेहरा ढकें। शरीर को अंदर और बाहर से गर्म रखना ज़रूरी है, साथ ही शराब से बचें और डॉक्टर से सलाह लें यदि स्थिति गंभीर हो। क्योकि,कई बार लोग हल्की दिक्कत की वजह से उसके अनदेखा कर देते है और वह समस्या हद से ज्यादा बढ जाती है। जब तक वह डाक्टर के पास जाते है।तब तक उसकी मुश्किले सातवें आसमान तक चली जाती है।
ठंड कैसे बीमारि बढ़ती हैं ?
ठंड में बीमारियाँ इसलिए बढ़ती हैं क्योंकि,ठंडी हवा के कारण शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए नाक-गले में रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ जाती हैं, जिससे वायरस से लड़ने वाली श्वेत रक्त कोशिकाएँ कम हो जाती हैं।ठंड में लोग घर के अंदर एक साथ रहते हैं, जिससे खांसने या छींकने पर वायरस हवा में आसानी से फैलते हैं और दूषित सतहों से भी फैलते हैं।ठंडी और शुष्क हवा श्वसन पथ की श्लेष्म झिल्ली को सुखा देती है, जिससे वायरस को फँसाना और बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है।धूप की कमी से विटामिन D का उत्पादन कम होता है, जो प्रतिरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। ठंडी हवा वायुमार्गों में जलन पैदा करती है, सूजन और मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ाती है, जिससे अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के मरीज़ ज़्यादा प्रभावित होते हैं।
डाक्टर की सलाह जानना जरूरी ?
ठंड के मौसम में डॉक्टर ठंड लगने, खांसी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों पर गौर करते हैं, क्योंकि ये फ्लू, निमोनिया या अन्य संक्रमण के संकेत हो सकते हैं।वे आपको गर्म रखने, हाइड्रेटेड रहने और आराम करने पर जोर देते हैं, क्योंकि शरीर को ठीक होने के लिए ऊर्जा चाहिए होती है। इसके अलावा, डाक्टर आपको गर्म कपड़े पहनने, तरल पदार्थ पीने, आराम करने, मौसमी फल-सब्ज़ियां खाने और फ्लू शॉट लेने की सलाह देते हैं, साथ ही बुखार या सांस लेने में दिक्कत होने पर दवाएं (पैरासिटामोल, इबुप्रोफेन) और एंटीबायोटिक्स/एंटीवायरल की ज़रूरत पड़ने पर देते हैं, ताकि संक्रमण और जटिलताओं से बचा जा सके।

