UP में चक्रवात 'अर्नब' का तांडव: लखनऊ सहित कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट
2:16 PM, Oct 29, 2026
R Express भारत
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लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर को लखनऊ और आसपास के जिलों के लिए भारी बारिश और तेज आंध

sketch by - ( AI )
लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर को लखनऊ और आसपास के जिलों के लिए भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी से उठे खतरनाक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के असर की वजह से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक मौसम करवट ले रहा है। इस बदलाव से प्रदेश में समय से पहले ही कड़ाके की ठंड की शुरुआत होने की उम्मीद है।
तापमान में आएगी भारी गिरावट
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बेमौसम तेज बारिश और ठंडी हवाओं के चलते सूबे के अधिकतम तापमान में 6 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी कमी आ सकती है। दिन के समय चलने वाली तेज हवाएं लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर देंगी। लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी, अयोध्या और आसपास के इलाकों में आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा।
50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
इस तूफान का असर सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं रहेगा। हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी तेज रफ्तार हवाओं के कारण कमजोर पेड़ों के गिरने और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। अवध और पूर्वांचल के जिलों, जैसे वाराणसी, प्रयागराज, गाजीपुर और बलिया में इस तूफान का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में भारी बारिश के साथ ही बिजली कड़कने की भी तेज आशंका है।
बचाव और सुरक्षा के उपाय
अचानक आए इस संकट को देखते हुए सभी आपदा प्रबंधन टीमों और स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है। निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। आम लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। बिजली कड़कने के समय पेड़ों या बिजली के तारों के नीचे खड़े होने से बचें।
किसानों के लिए बड़ी चिंता
यह आंधी-पानी इस समय खेतों में खड़ी फसलों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। कृषि जानकारों ने किसानों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपनी पकी हुई या कटी हुई फसलों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें। खेतों में पानी जमा होने से धान और आलू जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

