दरोगा खेड़ा चौराहा बना खूनी मोड़, भीषण हादसे में तीन की मौत
12:46 PM, Nov 6, 2026
R Express भारत
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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर स्थित दरोगा खेड़ा चौराहा एक बार फिर चीखों से दहल उठा। शुक्रवार सुबह यहां एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार स्कॉर्प

photo by - ( AI )
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर स्थित दरोगा खेड़ा चौराहा एक बार फिर चीखों से दहल उठा। शुक्रवार सुबह यहां एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सीधे ट्रक के नीचे जा घुसी। टक्कर इतनी भयानक थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक भिड़ंत में कार सवार तीन लोगों की जान जाने की खबर है, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
कानपुर से आ रही थी मौत की गाड़ी
जानकारी के मुताबिक, यह भीषण हादसा उस वक्त हुआ जब एक स्कॉर्पियो कार कानपुर की तरफ से बेहद तेज गति में लखनऊ की ओर आ रही थी। जैसे ही कार सरोजनीनगर इलाके के दरोगा खेड़ा चौराहे के पास पहुंची, वहां पहले से मौजूद एक भारी-भरकम ट्रक के साथ उसकी आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर भागे। कार के भीतर का नजारा देखकर हर किसी का कलेजा कांप गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत अपनी गाड़ियों से घायलों को निकालने की कोशिश की और एम्बुलेंस को सूचना दी।
खूनी हॉटस्पॉट बना दरोगा खेड़ा चौराहा
इलाके के लोगों में इस घटना के बाद से भारी गुस्सा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दरोगा खेड़ा चौराहा अब आम राहगीरों के लिए 'मौत का जाल' बन चुका है। यह पहली बार नहीं है जब इस मोड़ पर किसी की जान गई हो। आए दिन यहां गाड़ियां आपस में टकराती रहती हैं। कुछ समय पहले इसी जगह पर ड्यूटी के दौरान एक पुलिसकर्मी की भी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। लगातार हो रहे इन जानलेवा हादसों के बाद भी इस चौराहे की स्थिति को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए।
विधायक की चिट्ठी भी बेअसर, कब जागेंगे जिम्मेदार?
हैरानी की बात यह है कि सरोजनीनगर के मौजूदा विधायक खुद इस चौराहे पर होने वाले हादसों को लेकर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने इस खतरनाक पॉइंट को ठीक करने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखा था। इसके बावजूद जमीन पर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। चौराहे की खराब बनावट और रफ्तार पर लगाम न होने की वजह से आज फिर तीन घरों के चिराग बुझ गए। स्थानीय जनता अब सीधे तौर पर हाईवे अथॉरिटी और ट्रैफिक महकमे की लापरवाही को इन मौतों का जिम्मेदार मान रही है। लोगों का साफ कहना है कि आखिर और कितनी जिंदगियां तबाह होने के बाद सोए हुए अफसर जागेंगे?


