लखनऊ के शिवा अस्पताल में लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत, इंसाफ के लिए CMO दफ्तर पर भारी हंगामा
6:15 PM, Aug 31, 2026
R Express भारत
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लखनऊ में स्वास्थ्य सेवाओं की कलई खोलने वाली एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ के 'शिवा अस्पताल' में डॉक्टरों की कथित घोर लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिल

लखनऊ के शिवा अस्पताल में लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ में स्वास्थ्य सेवाओं की कलई खोलने वाली एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ के 'शिवा अस्पताल' में डॉक्टरों की कथित घोर लापरवाही के कारण एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की जान चली गई। इस दोहरी मौत के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का गुस्सा भी फूट पड़ा है। मामले को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी के महिला विंग ने मोर्चा खोल दिया है।
इंसाफ के लिए भारी प्रदर्शन और पुलिस का पहरा
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए एलजेपी (रामविलास) महिला प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने कैसरबाग में मौजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दफ्तर का घेराव किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर तुरंत बड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर बिगड़ते हालात और हंगामे को देखते हुए भारी तादाद में पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, वे पीछे नहीं हटेंगी।
अस्पताल पर गुमराह करने और अवैध वसूली का आरोप
मृतक महिला शाजिया के पति चांद ने अस्पताल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में नवजात बच्चों के लिए जरूरी 'एनआईसीयू' की सुविधा तक मौजूद नहीं थी। इसके बावजूद डॉक्टरों ने उन्हें धोखे में रखा। आरोप है कि इलाज के नाम पर परिजनों को लगातार गुमराह किया गया और उनसे मोटी रकम भी वसूली गई। सही समय पर सही इलाज न मिलने के कारण आखिरकार माँ और बच्चे दोनों ने दम तोड़ दिया।
डिप्टी सीएम के आदेश के बाद भी सुस्त पड़ा सिस्टम
परिजनों में इस बात को लेकर भी भारी नाराजगी है कि प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा इस मामले की जांच के कड़े निर्देश दिए जाने के बावजूद, स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने अब तक अस्पताल के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। एलजेपी नेताओं ने मांग की है कि, मामले की पूरी तरह निष्पक्ष और बड़ी जांच होनी चाहिए, अस्पताल को तुरंत बंद किया जाना चाहिए और जिम्मेदार डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।

