मौत को मात: नेपाल में 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकले दो मजदूर, 40 अब भी लापता
5:08 PM, Sep 4, 2026
R Express भारत
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नेपाल में कुदरत के कहर के बीच एक ऐसा चमत्कार हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहाँ के त्रिशूली-3 'A' हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक अंधेरी सुरंग में

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उत्तर प्रदेश।नेपाल में कुदरत के कहर के बीच एक ऐसा चमत्कार हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यहाँ के त्रिशूली-3 'A' हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक अंधेरी सुरंग में पिछले 9 दिनों से फंसे दो मजदूरों को आखिरकार सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बिना खाए-पिए मौत के मुहाने पर बैठे इन मजदूरों की धीमी आवाज सुनकर बचाव दल ने उन्हें मलबे के ढेर से खींच निकाला। हालांकि, इस हादसे में अभी खुशियाँ अधूरी हैं, क्योंकि इसी टनल के अंदर करीब 40 और कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका है, जिन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू टीमें दिन-रात एक कर रही हैं।
एयर पॉकेट ने बचाई जान
सुरंग के उस खौफनाक अंधेरे से जिंदा लौटे मजदूरों की पहचान 30 साल के संजय साह और 45 साल के कबीर महर्जन के रूप में हुई है। संजय वहाँ मैकेनिकल फोरमैन हैं और कबीर सुपरवाइजर का काम संभालते हैं। रेस्क्यू टीम के मुताबिक, ये दोनों सुरंग के मुंह से करीब 170 मीटर अंदर कीचड़ और पत्थरों के बीच दबे हुए थे।
नौ दिनों तक बिना भोजन और पानी के जिंदा रहना किसी अजूबे से कम नहीं है। टनल के अंदर कुछ जगहों पर हवा के पॉकेट्स बने हुए थे, जिसकी वजह से उनकी सांसें चलती रहीं। जब उन्हें बाहर लाया गया, तो वे बेहद कमजोर हो चुके थे और ढंग से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। डॉक्टरों की देखरेख में तुरंत उनका इलाज शुरू कर दिया गया है।
कैसे टनल में कैद हुए लोग?
यह पूरी तबाही बीते 26 अगस्त को शुरू हुई थी, जब नेपाल और तिब्बत के बॉर्डर वाले इलाके में एक भयंकर बर्फीला तूफान और चट्टान खिसकने की घटना हुई। इसके बाद भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में अचानक ऐसी भयानक बाढ़ आई कि रास्ते में जो कुछ भी आया, सब तबाह हो गया। इस बाढ़ के साथ आए लाखों टन मलबे और कीचड़ ने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग के रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया। उस वक्त टनल के अंदर कुल 42 लोग काम कर रहे थे, जो अचानक वहीं फंस गए।
40 जिंदगियों को बचाने की जंग
दो लोगों के सही-सलामत बाहर आने के बाद अब बाकी बचे 40 लोगों के परिवारों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। इस रेस्क्यू ऑपरेशन को दुनिया के सबसे मुश्किल ऑपरेशन्स में से एक माना जा रहा है। सुरंग के अंदर के हालात को देखते हुए भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की एक्सपर्ट टीमें आधुनिक मशीनों के साथ मौके पर तैनात हैं। इसके अलावा उत्तराखंड की सिल्कयारा टनल हादसे में मदद करने वाले मशहूर टनल एक्सपर्ट अर्नोल्ड डिक्स भी इस ऑपरेशन में लगातार सलाह दे रहे हैं।
नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ ने अब तक भारी तबाही मचाई है, जिसमें 1,200 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। फिलहाल पूरा जोर सुरंग के अंदर फंसे बाकी लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने पर है, ताकि और भी जिंदगियों को बचाया जा सके।

