दिल्ली आंदोलन: 57 मेट्रो स्टेशन और ट्रेनों पर संकट, SC पहुंचा मामला
5:44 PM, Oct 9, 2026
R Express भारत
Share:
दिल्ली में 10 अक्टूबर को एक बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्तज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की जिद पर अड़ी 'कॉकरोच जनता पार्टी' और विपक

sketch by - ( AI )
दिल्ली में 10 अक्टूबर को एक बड़ा सियासी घमासान देखने को मिल सकता है। मुख्य चुनाव आयुक्तज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की जिद पर अड़ी 'कॉकरोच जनता पार्टी' और विपक्ष ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बहुत बड़े विरोध प्रदर्शन का एलान किया है। इस आंदोलन की वजह से पूरी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं, जिसका सीधा असर आम जनता की आवाजाही पर पड़ सकता है।
57 मेट्रो स्टेशन बंद करने की तैयारी, सुप्रीम कोर्ट नाराज
इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा कदम उठाने का प्लान बनाया है। पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर के लगभग 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद करने का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही ट्रेनों के फेरे (फ्रीक्वेंसी) कम करने की बात भी कही गई है।
जैसे ही मेट्रो और ट्रेनें बंद करने की खबर सामने आई, विपक्ष और लेफ्ट संगठनों ने इसके खिलाफ तुरंत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि सुरक्षा व्यवस्था संभालना पुलिस का काम है, लेकिन आंदोलन के नाम पर पूरी दिल्ली को ठप नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने आदेश दिया कि आम जनता को परेशान किए बिना मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही को संभाला जाए और लोगों के लिए साफ ट्रैफिक गाइडलाइन जारी की जाए।
मुंबई राजधानी समेत कई ट्रेनें प्रभावित
मेट्रो के अलावा रेलवे के सफर पर भी इस आंदोलन का बड़ा असर पड़ रहा है। रेलवे ने शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निज़ामुद्दीन स्टेशन पहुंचने वाली मुंबई राजधानी और तेजस समेत कई वीआईपी ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट (रास्ता बदलना) करने का फैसला लिया है। इन ट्रेनों को अब गाजियाबाद या आनंद विहार जैसे स्टेशनों पर रोका जा सकता है। हालांकि, पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जिन यात्रियों के पास पक्के और वैध टिकट हैं, उन्हें स्टेशनों पर आने-जाने से नहीं रोका जाएगा
पुलिस ने नहीं दी आंदोलन की इजाजत, छावनी बनी दिल्ली
दिल्ली पुलिस का कहना है कि CJP ने प्रदर्शन के लिए 10 दिन पहले एडवांस में नोटिस नहीं दिया था, इसलिए इस आंदोलन को आधिकारिक मंजूरी नहीं दी गई है। पूरी नई दिल्ली में भीड़ इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है। दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और करीब 23 हजार पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। दूसरी तरफ, सीजेपी के नेताओं का कहना है कि वे हर हाल में अपना शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखेंगे। ऐसे में कल दिल्ली की सड़कों या मेट्रो से सफर करने वाले लोगों को थोड़ी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

