दिल्ली अग्निकांड: मैक्स अस्पताल पहुंचीं सीएम रेखा गुप्ता, पीड़ितों के आंसू पोंछे; मुआवजे और कड़े एक्शन का एलान
6:18 PM, Jun 4, 2026
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दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने पूरी राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों के असमय काल के गाल में स

मैक्स अस्पताल पहुंचीं सीएम रेखा गुप्ता सौ 0 RExpress भारत
नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने पूरी राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों के असमय काल के गाल में समा जाने और कई अन्य के गंभीर रूप से झुलसने की खबर है। घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की नवनियुक्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पहुंचकर आपदा के शिकार हुए पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने वार्डों में जाकर एक-एक मरीज का हाल जाना और डॉक्टरों को इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के सख्त निर्देश दिए।
खुद ग्राउंड पर उतरीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
हादसे की सूचना मिलने के बाद से ही मुख्यमंत्री कार्यालय लगातार इस पर नजर बनाए हुए था। गुरुवार दोपहर मुख्यमंत्री खुद मैक्स अस्पताल, साकेत के ट्रॉमा और इमरजेंसी वार्ड में पहुंचीं। उन्होंने वहां भर्ती घायलों से बात की, उनका ढांधस बंधाया और उनके आंसू पोंछे। रोते-बिलखते परिजनों को सांत्वना देते हुए सीएम ने कहा, "यह संकट की घड़ी है और पूरी दिल्ली सरकार आपके साथ खड़ी है। अपनों को खोने का दर्द कम नहीं किया जा सकता, लेकिन सरकार घायलों को वापस जिंदगी की पटरी पर लाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।"मुख्यमंत्री ने अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम और प्रबंधन के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने तीमारदारों के सामने ही डॉक्टरों से पूछा कि मरीजों की मौजूदा स्थिति क्या है और क्या उन्हें किसी विशेष चिकित्सा सहायता या बड़े डॉक्टरों के परामर्श की आवश्यकता है। सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कागजी कार्रवाई के चलते किसी भी मरीज के इलाज में एक सेकंड की भी देरी नहीं होनी चाहिए।
मुआवजे की बड़ी घोषणा और मुफ्त इलाज का वादा
अस्पताल परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता का एलान किया। उन्होंने घोषणा की कि हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के आश्रितों को सरकार की तरफ से 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके साथ ही, हादसे में गंभीर रूप से झुलसे और आईसीयू या वेंटिलेटर सपोर्ट पर मौजूद मरीजों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। इसके लिए अस्पताल प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर एक विशेष डेस्क स्थापित की गई है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि पीड़ितों के परिवारों को दवाइयों, सर्जरी या किसी अन्य मेडिकल सुविधा के लिए अपनी जेब से एक भी पैसा न खर्च करना पड़े। साथ ही, जिन मृतकों के परिवार दिल्ली से बाहर के हैं, उनके पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक निवास तक पहुंचाने का खर्च और जिम्मेदारी भी सरकार संभालेगी।
लापरवाही पर फूटा गुस्सा, कड़े एक्शन की तैयारी
मालवीय नगर के जिस होटल में यह हादसा हुआ, उसे लेकर शुरुआती जांच में कई तरह की नियामक कमियां और फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन की बातें सामने आ रही हैं। इस पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने दक्षिण दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट से 24 घंटे के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।मुख्यमंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा, "होटल में आग लगने की यह घटना महज एक हादसा नहीं, बल्कि एक गंभीर लापरवाही का नतीजा लग रही है। जिन भी अधिकारियों या मालिकों ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर इस रिहायशी और संकरे इलाके में ऐसी व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा चलाकर जेल भेजा जाएगा।" इस बीच, दिल्ली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए होटल मालिक को गिरफ्तार कर लिया है और होटल के मैनेजर की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
सुरक्षा मानकों को लेकर दिल्ली सरकार सख्त
इस हादसे ने दिल्ली के घने और संकरे रिहायशी इलाकों (जैसे हौज़ खास, मालवीय नगर) में चल रहे छोटे-बड़े होटलों और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि पूरी दिल्ली में एक विशेष अभियान चलाकर ऐसे सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फायर एनओसी और बिल्डिंग बायलॉज की दोबारा स्क्रूटनी की जाए। जो भी संस्थान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएं, उन्हें तुरंत सील किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे किसी अन्य दर्दनाक हादसे को रोका जा सके।

