होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg

दिल्ली ठप: चुनाव आयुक्त के खिलाफ आंदोलन तेज, मेट्रो और इंटरनेट बंद

6:16 PM, Oct 11, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

दिल्ली में इस समय सियासी पारा सातवें आसमान पर है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष और युवा आंदोलकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। कॉकरोच जनता

 दिल्ली ठप: चुनाव आयुक्त के खिलाफ आंदोलन तेज, मेट्रो और इंटरनेट बंद

sketch by - ( AI )

दिल्ली में इस समय सियासी पारा सातवें आसमान पर है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष और युवा आंदोलकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी और कई बड़े विपक्षी दलों के इस साझा प्रदर्शन की वजह से पूरी दिल्ली में भारी तनाव का माहौल है। हालात को बेकाबू होने से रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। जंतर-मंतर समेत दिल्ली के कई इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

क्यों भड़का है जनता और विपक्ष का गुस्सा?

इस पूरे बवाल की मुख्य वजह वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर हुए बदलावों को बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने एक खास मुहिम के तहत देश के करोड़ों मतदाताओं के नाम लिस्ट से साफ कर दिए हैं। विपक्ष का सीधा आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सत्ताधारी दल को फायदा पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं और निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहे। आंदोलन कर रहे लोगों का कहना है कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।

दिल्ली में कड़ा पहरा, थम गई रफ्तार

विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख रास्तों पर बड़े-बड़े बैरिकेड्स और कंक्रीट की दीवारें खड़ी कर दी गई हैं। कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए हैं और प्रदर्शन वाली जगहों पर इंटरनेट सेवाओं को भी बंद कर दिया गया है ताकि भीड़ को एक जगह जुटने से रोका जा सके। पुलिस ने अब तक हजारों प्रदर्शनकारियों और कई बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इस अचानक हुई तालाबंदी और कड़ाई की वजह से दिल्ली के बाजारों को करीब 2000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

सड़क से लेकर अदालत तक जंग

यह लड़ाई सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच चुकी है। सुप्रीम कोर्ट में भी वोटर लिस्ट में हुई इन गड़बड़ियों को लेकर याचिकाएं दायर की गई हैं। हालांकि, अदालत ने फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने या किसी भी तरह की रोक लगाने से मना कर दिया है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग से जवाब जरूर मांगा है। दूसरी तरफ, चुनाव आयोग और सत्ता पक्ष ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा करने के लिए फर्जी नामों को हटाया गया है, किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं हुआ है। फिलहाल दिल्ली में तनाव बरकरार है और आंदोलनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026