होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg

उज्जैन में युवाओं की 'धर्म संसद': सफलता के प्रेशर पर संतों ने दिया बड़ा मंत्र

5:02 PM, Sep 21, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

धार्मिक नगरी उज्जैन में हाल ही में आयोजित हुई 'युवा धर्म संसद' ने देश भर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस अनूठे कार्यक्रम में आज की नई पीढ़ी,

उज्जैन में युवाओं की 'धर्म संसद': सफलता के प्रेशर पर संतों ने दिया बड़ा मंत्र

sketch by - ( AI )

उत्तर प्रदेश।उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में हाल ही में आयोजित हुई 'युवा धर्म संसद' ने देश भर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस अनूठे कार्यक्रम में आज की नई पीढ़ी, जिसे हम 'GenZ' कहते हैं, ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने युवाओं के इस कदम की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी जिस तरह से आगे आकर धर्म, संस्कृति और अध्यात्म जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा कर रही है, वह वाकई काबिले-तारीफ और सुखद है।

आमतौर पर यह माना जाता है कि, आज के युवा केवल सोशल मीडिया और आधुनिक चकाचौंध में खोए रहते हैं। लेकिन उज्जैन के इस मंच ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया। मोहन भागवत ने कहा कि युवाओं का अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ना देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। जब युवा अपनी संस्कृति को समझकर उस पर बात करते हैं, तो समाज को एक नई दिशा मिलती है।

सफलता का मानसिक दबाव और युवाओं की जीवनशैली

इस धर्म संसद में केवल आध्यात्मिक बातें ही नहीं हुईं, बल्कि आज के युवाओं की असली जमीनी समस्याओं पर भी खुलकर मंथन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद जाने-माने संत आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज ने युवाओं की वर्तमान जीवनशैली और उनकी मानसिक स्थिति को लेकर एक बेहद जरूरी मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा कि, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवाओं पर हर हाल में 'सफल' होने का एक अदृश्य मानसिक दबाव बना रहता है। करियर, पढ़ाई और समाज की उम्मीदों के बोझ तले आज का युवा अंदर ही अंदर तनाव से जूझ रहा है।

समाधान: युवाओं से लगातार बातचीत जरूरी

आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि युवाओं को इस मानसिक तनाव और अकेलेपन से बाहर निकालने के लिए उनके साथ 'निरंतर संवाद' (लगातार बातचीत) करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बड़े-बुजुर्गों और मार्गदर्शकों को युवाओं की समस्याओं को बिना किसी जजमेंट के सुनना होगा। जब तक हम उनसे खुलकर बात नहीं करेंगे, तब तक हम उन्हें सही रास्ता नहीं दिखा पाएंगे।

उज्जैन में हुई यह युवा धर्म संसद इस मायने में बेहद खास रही कि इसने धर्म को केवल पूजा-पाठ से जोड़कर नहीं देखा, बल्कि इसे युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी की उलझनों को सुलझाने का माध्यम बनाया। इस आयोजन से यह साफ संदेश गया है कि आधुनिकता की दौड़ में दौड़ते युवाओं को अगर सही समय पर सही मार्गदर्शन और मानसिक संबल मिले, तो वे देश और संस्कृति दोनों को बहुत आगे ले जा सकते हैं।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026