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शनिवार को करें ये चमत्कारी उपाय, प्रसन्न होंगे शनिदेव, चमकेगी सोई हुई किस्मत

3:32 PM, Jun 6, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

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सनातन धर्म में शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना गया है। वे व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार फल देते हैं। यदि किसी व्यक्ति की कुंड

शनिवार को करें ये चमत्कारी उपाय, प्रसन्न होंगे शनिदेव, चमकेगी सोई हुई किस्मत

शनिदेव photo by- google

उत्तर प्रदेश। सनातन धर्म में शनिदेव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना गया है। वे व्यक्ति को उसके अच्छे और बुरे कर्मों के अनुसार फल देते हैं। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर हो या उस पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, तो जीवन में कई तरह की आर्थिक, शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार का दिन सूर्यपुत्र शनिदेव को समर्पित है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करके शनिदेव के प्रकोप को शांत किया जा सकता है और उनकी असीम कृपा प्राप्त की जा सकती है। आइए जानते हैं शनिवार के दिन किए जाने वाले उन अचूक उपायों के बारे में जो जीवन की सभी बाधाओं को दूर कर सकते हैं।

सरसों के तेल का दीपक और तेल का दान

शनिदेव को सरसों का तेल अत्यंत प्रिय है। शनिवार की शाम को सूर्यास्त के बाद किसी प्राचीन शनि मंदिर में जाकर भगवान शनि की मूर्ति के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना श्रेष्ठ माना जाता है। इस दीपक में काले तिल डालना शुभ होता है। इसके अलावा, शनिवार के दिन एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर उसमें अपना चेहरा देखना और फिर उस तेल को किसी जरूरतमंद को दान करना 'छाया दान' कहलाता है। मान्यता है कि इससे शनि दोषों का प्रभाव कम होता है।

शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करने का विशेष महत्व है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पीपल के पेड़ में देवताओं का वास माना जाता है। शनिवार की सुबह स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाकर पेड़ की सात बार परिक्रमा करने से कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

काले तिल और साबुत उड़द का दान

शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार के दिन सुबह के समय जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करना फलदायी होता है। 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना मन को शांति प्रदान करता है। पूजा के बाद काले तिल, काली उड़द की दाल, काला कपड़ा या लोहे के बर्तनों का दान किसी गरीब व्यक्ति को करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

शास्त्रों में वर्णित है कि, हनुमान जी के भक्तों पर शनिदेव की विशेष कृपा रहती है। शनिवार के दिन हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करना लाभदायक होता है। शनिवार की शाम को हनुमान जी के मंदिर में जाकर उन्हें सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के नकारात्मक प्रभाव कम होने लगते हैं।शनिदेव कर्म प्रधान देवता हैं, इसलिए वे उन लोगों से प्रसन्न होते हैं जो बेजुबान जानवरों और असहाय लोगों की मदद करते हैं। शनिवार के दिन काले कुत्ते को तेल लगी हुई रोटी खिलाना, कौवे को दाना डालना और चींटियों को आटा व शक्कर खिलाना उत्तम माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्राणियों की सेवा करने से रुके हुए कार्य बनने लगते हैं।

आचरण की शुद्धता

शनिदेव को प्रसन्न करने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका आचरण को शुद्ध रखना है। शनिवार के दिन सात्विकता का पालन करना चाहिए। कभी भी किसी असहाय, बुजुर्ग या मजदूर का अपमान न करें। जो लोग ईमानदारी से अपना जीवन व्यतीत करते हैं, उन पर शनिदेव की कृपा हमेशा बनी रहती है।

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