मौसम का डबल अटैक: कहीं आसमान से बरस रही आग तो कहीं आंधी-पानी का तांडव, जानें अपने जिले का हाल ?
6:28 PM, Jun 16, 2026
R Express भारत
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उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जून का महीना आधा बीत चुका है, लेकिन सूबे के लोगों को गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं मिल

यूपी में मौसम का बदला हाल सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। जून का महीना आधा बीत चुका है, लेकिन सूबे के लोगों को गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं मिल पा रही है। राज्य के कुछ हिस्सों में जहां सूरज की तेज तपिश और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, वहीं कुछ जिलों में अचानक आंधी के साथ आ रहे बादलों ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। हालात ऐसे हैं कि, एक ही दिन में लोगों को चिलचिलाती धूप और धूल भरी आंधी दोनों का सामना करना पड़ रहा है।
पश्चिमी और मध्य यूपी में पसीने छुड़ाती गर्मी
नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और हापुड़ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में सुबह से ही तीखी धूप निकल रही है। लेकिन, बीते चौबीस घंटों में कुछ जगहों पर तेज रफ्तार हवाएं चलने से पारे में मामूली गिरावट आई है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण चिपचिपी उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है क्योंकि लोग घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।राजधानी लखनऊ और कानपुर के आसपास के जिलों की बात करें, तो यहां भी मिला-जुला असर दिख रहा है। आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही तो हो रही है, पर धूप का असर कम नहीं है। लखनऊ और कानपुर में दिन का पारा 40 से 44 डिग्री के आसपास बना हुआ है। हवा ठप होने से उमस और ज्यादा बढ़ गई है, जिससे पंखे और कूलर भी फेल साबित हो रहे हैं।
पूर्वी यूपी के जिलों में आंधी-पानी की चेतावनी
दूसरी तरफ, बिहार की सीमा से सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में मौसम ने करवट ले ली है। वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, मिर्जापुर, सोनभद्र और बलिया जैसे इलाकों में धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया है। इन जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की बात कही जा रही है। अचानक आए इस बदलाव से रात के तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से कुछ पलों की राहत मिली है।
बुंदेलखंड में आसमान से बरस रही आग
झांसी, महोबा और बांदा समेत बुंदेलखंड का इलाका इस समय सबसे ज्यादा तप रहा है। यहाँ दोपहर के वक्त चलने वाली गर्म हवाएं लोगों के शरीर को झुलसा रही हैं। इस क्षेत्र में पानी का संकट और तेज धूप ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है। खेतों में काम करने वाले किसानों को दोपहर के समय काम बंद करने की सलाह दी जा रही है ताकि वे बीमार न पड़ें।
मौसम के जानकारों का कहना है कि, उत्तर प्रदेश के लोगों को इस भयंकर तपिश से पूरी तरह छुटकारा पाने के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। हालांकि, अगले दो से तीन दिनों के भीतर बादलों का घेरा और मजबूत होगा, जिससे कई जिलों में झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है। राहत की सबसे बड़ी उम्मीद जून के आखिरी हफ्ते से है, जब मानसूनी हवाएं सूबे के रास्ते आगे बढ़ेंगी और पूरे उत्तर प्रदेश को अपनी ठंडी फुहारों से सराबोर कर देंगी। तब तक लोगों को गर्मी और उमस के इस थपेड़े को झेलना ही पड़ेगा।

