लखनऊ के निगोहां में नशे में धुत रेलकर्मी की पीट-पीटकर हत्या,पत्नी और बेटा हिरासत में
5:19 PM, Aug 4, 2026
R Express भारत
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खनऊ के निगोहां इलाके से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ के मीरकनगर गांव में सोमवार की रात घरेलू विवाद इस कदर बढ़ा कि एक हंसता-खेलता परिवार प

मृतक की माँ रामपती फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के निगोहां इलाके से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ के मीरकनगर गांव में सोमवार की रात घरेलू विवाद इस कदर बढ़ा कि एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में तबाह हो गया। शराब के नशे में घर लौटे एक रेलवे कर्मचारी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। आरोप है कि मामूली कहासुनी के बाद पत्नी और बेटे ने मिलकर कमरे के अंदर उन्हें बेरहमी से पीटा, जिससे उनकी जान चली गई। मामले की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
गाली-गलौज से शुरू हुआ था विवाद
जानकारी के मुताबिक, मीरकनगर गांव के रहने वाले 54 वर्षीय कैलाशनाथ गौतम रेलवे में अटेंडेंट के पद पर तैनात थे और वर्तमान में उनकी पोस्टिंग इंदौर के रेलवे अस्पताल में थी। सोमवार रात वह काफी ज्यादा शराब पीकर अपने घर लौटे थे। घर आते ही उनका अपनी पत्नी लज्जावती के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा शुरू हो गया। नशे में धुत कैलाशनाथ अपनी पत्नी को अपशब्द कहने लगे और लगातार गाली-गलौज कर रहे थे।
बंद कमरे में बाप को बेरहमी से पीटा
कैलाशनाथ की मां रामपती ने बताया कि, जब उनका बड़ा बेटा बहू को गालियां दे रहा था, तभी पोता शिवम उर्फ अरुण वहाँ आ गया। अपनी मां के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को देखकर वह आपा खो बैठा और अपने पिता से ही भिड़ गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मां-बेटे दोनों ने मिलकर कैलाशनाथ की पिटाई शुरू कर दी। गांव वालों के बीच चर्चा है कि घर के अंदर से चीख-पुकार और मारपीट की आवाजें आ रही थीं। शोर सुनकर जब आस-पड़ोस के लोग बीच-बचाव के लिए दौड़े, तो पत्नी और बेटे ने घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इसके बाद बंद कमरे के भीतर कैलाशनाथ को तब तक पीटा गया, जब तक कि उनकी आवाज आना बंद नहीं हो गई।
पिटाई के बाद कैलाशनाथ लहूलुहान और बेसुध हालत में बिस्तर पर पड़े रहे। देर रात जब उनकी तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ने लगी और उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई, तो उनका छोटा भाई दुर्गेश कुमार घबरा गया। वह आनन-फानन में कैलाशनाथ को पास के एक निजी अस्पताल ले गया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मंगलवार को भाई दुर्गेश ने पूरे मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी।
जांच और पूछताछ में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत की असली वजह का पता चल सके। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने आरोपी पत्नी लज्जावती और बेटे शिवम को हिरासत में ले लिया है। दोनों से थाने में रखकर पूछताछ की जा रही है।
थाना प्रभारी का कहना है कि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा होगा और उसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिवार में अब पत्नी के अलावा दो बेटे शिवम और अनुज बचे हैं, जबकि उनकी एक बेटी की मौत पहले ही हो चुकी है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है।

