पुलिस की सक्रियता से महिगवां में गुमशुदगी का मामला सुलझा, दो युवतियां सुरक्षित मिलीं
3:12 PM, May 30, 2026
R Express भारत
Share:
लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र अंतर्गत महिगवां थाना पुलिस को गुमशुदगी के एक बेहद संवेदनशील मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी और त्वरित कार्रव

सप्ताह भर पहले लापता हुई दो युवतियां बरामद सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र अंतर्गत महिगवां थाना पुलिस को गुमशुदगी के एक बेहद संवेदनशील मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए करीब एक सप्ताह पहले लापता हुई दो युवतियों को सकुशल बरामद कर लिया है। अपनी बेटियों को सुरक्षित सामने देखकर परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी की जमकर सराहना की है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महिगवां थाना क्षेत्र की रहने वाली दो युवतियां बीते 23 मई को अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थीं। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने स्थानीय थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी थी। मामला युवतियों की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण पुलिस उच्चाधिकारी भी इस पर लगातार नजर बनाए हुए थे।
इस पूरे सर्च ऑपरेशन को डीसीपी नॉर्थ और एसीपी बख्शी का तालाब के सख्त दिशा-निर्देशन में अंजाम दिया गया। अधिकारियों के निर्देश पर महिगवां थाना प्रभारी राधेश्याम मौर्य के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, तकनीकी इनपुट और स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर युवतियों की तलाश शुरू की। इस खोजबीन अभियान के दौरान उपनिरीक्षक जय प्रकाश और कांस्टेबल लाल बहादुर को युवतियों की संभावित लोकेशन का एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा।
सुराग मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए घेराबंदी की और दोनों युवतियों को सकुशल अपने संरक्षण में ले लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि युवतियों की बरामदगी के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत सबसे पहले उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद अन्य जरूरी विधिक औपचारिकताएं और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की गई। कानून सम्मत सभी आवश्यक कदम उठाने के बाद दोनों युवतियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
सुरक्षा और सामाजिक निजता के नियमों को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने युवतियों के नाम और पहचान को पूरी तरह गुप्त रखा है। पुलिस की इस त्वरित और मानवीय कार्रवाई की पूरे इलाके में चर्चा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पुलिस की ऐसी मुस्तैदी से आम जनता में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत होता है।

