EC vs विपक्ष: मतदाता सूची सुधार पर भारी बवाल, राहुल गांधी बोले- 'यह वोट चोरी है'
3:03 PM, Sep 27, 2026
R Express भारत
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देश के चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूचियों में सुधार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े राजनीतिक तूफान में बदल चुका है। कांग्रेस और पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर क

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नई दिल्ली।देश के चुनाव आयोग के भीतर मतदाता सूचियों में सुधार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े राजनीतिक तूफान में बदल चुका है। कांग्रेस और पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लामबंद हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को सीधे तौर पर चुनावों की 'मैच फिक्सिंग' और जनता के साथ 'वोट चोरी' करार दिया है। इस विवाद ने देश के राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों मचा है बवाल?
इस पूरे विवाद की जड़ में मीडिया की एक हालिया रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग के तीन सदस्यों में से दो चुनाव आयुक्तों—सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कामकाज और मतदाता सूचियों में सुधार से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित में आपत्ति दर्ज कराई थी।
आरोप है कि इन दोनों शीर्ष अधिकारियों की चेतावनियों और आपत्तियों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया। दोनों चुनाव आयुक्तों ने मुख्य रूप से 'ईसीआई नेट' के केंद्रीय डेटाबेस को सेंट्रलाइज करने, वोटर लिस्ट से नामों को जोड़ने और हटाने की नई प्रक्रियाओं और आयोग में नियमित बैठकें न होने जैसे गंभीर मुद्दों पर अपनी असहमति जताई थी। विपक्ष का आरोप है कि डेटाबेस को सेंट्रलाइज करके वोटर लिस्ट में गुपचुप तरीके से छेड़छाड़ की कोशिश की जा रही है।
विपक्ष की रणनीति: CEC को हटाने की मांग और महाभियोग की तैयारी
इस खुलासे के बाद विपक्षी INDIA गठबंधन ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र संस्था की निष्पक्षता अब खतरे में है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह लोकतंत्र को खत्म करने और चुनावों को पहले से फिक्स करने की एक सोची-समझी साजिश है।
इस मामले में आगे की रणनीति तैयार करने के लिए विपक्षी दलों ने 30 सितंबर को एक बहुत ही महत्वपूर्ण और आपात बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक के एजेंडे में सबसे ऊपर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग शामिल है। विपक्षी दल संसद के आगामी सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए कानूनी ड्राफ्ट भी तैयार कर रहे हैं।
चुनाव आयोग ने दी सफाई
विपक्ष के इन तीखे हमलों और आरोपों के बीच Election Commission of India ने भी अपना पक्ष सामने रखा है। आयोग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि मतदाता सूचियों में सुधार और बाकी सभी काम पूरी तरह से तय नियमों और तय कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही किए जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुताबिक, आंतरिक चर्चाओं या असहमति के चुनिंदा हिस्सों को उछालकर संस्था की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि चुनाव आयोग पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
फिलहाल, 30 सितंबर को होने वाली विपक्ष की बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं, जिससे यह साफ होगा कि यह सियासी लड़ाई आने वाले दिनों में क्या मोड़ लेती है।

