मोहनलालगंज में मऊ गांव के तालाब में डूबा किसान, 20 फीट गहरे गड्ढे ने ली जान; इलाके में भारी गुस्सा
4:05 PM, Aug 11, 2026
R Express भारत
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मोहनलालगंज इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के मऊ गांव में खेतों पर काम करने गए एक किसान की तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।

मोहनलालगंज में मऊ गांव के तालाब में डूबा किसान फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ। मोहनलालगंज इलाके से एक बेहद दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के मऊ गांव में खेतों पर काम करने गए एक किसान की तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोपहर के वक्त किसान खेत में दवा छिड़कने के बाद हाथ-पैर धोने के लिए तालाब के किनारे गया था, तभी अचानक पैर फिसलने से वह गहरे पानी में समा गया। घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है, वहीं गांव के लोगों में अवैध काम करने वालों के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है।
दवा छिड़कने के बाद हाथ धोते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक, मऊ गांव के रहने वाले नीरज मंगलवार की दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से निकले थे। वे अपने खेतों में फसलों पर कीटनाशक दवा का छिड़काव करने गए थे। काम खत्म करने के बाद नीरज पास ही मौजूद एक बड़े तालाब के किनारे पहुंचे। वे कीटनाशक के असर को साफ करने के लिए तालाब के पानी से हाथ-पैर धो रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया। किनारा गीला और ढालू होने की वजह से वह सीधे तालाब के गहरे पानी में चले गए।
बचाने की कोशिशें रहीं नाकाम, बुलाई गई रेस्क्यू टीमें
नीरज को पानी में छटपटाते और डूबते देख पास के खेतों में काम कर रहे दूसरे ग्रामीणों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। कुछ लोग तुरंत दौड़कर तालाब की तरफ भागे और नीरज को बचाने की कोशिश की। लेकिन देखते ही देखते नीरज गहरे पानी के अंदर चले गए और ओझल हो गए।
घबराए हुए ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की खबर स्थानीय थाने और इमरजेंसी सेवाओं को दी। सूचना मिलते ही राहत और बचाव के इंतजामों के साथ टीमें मौके पर पहुंच गईं। सबसे पहले लोकल दमकल विभाग की टीम को पानी में उतारा गया। दमकल कर्मियों ने काफी देर तक तालाब के कोने-कोने में नीरज की तलाश की, लेकिन गहरा पानी और नीचे कीचड़ होने के चलते कामयाबी नहीं मिल सकी। इसके बाद हालात को देखते हुए फौरन एसडीआरएफ की एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया, जो गोताखोरों के साथ पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।
अवैध खनन ने तालाब को बनाया 'मौत का कुआं
इस हादसे के बाद मऊ गांव के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस तालाब को जानबूझकर मौत का कुआं बनाया गया है। इलाके में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन के चक्कर में माफियाओं ने तालाब को खोद-खोदकर करीब 20 फीट से ज्यादा गहरा कर दिया है।
हाल ही में हुई तेज बारिश की वजह से इस गहरे गड्ढे में ऊपर तक पानी भर गया, जिससे बाहर से इसकी गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यहाँ अवैध रूप से इतनी गहरी खुदाई न की गई होती, तो शायद आज नीरज की जान बच जाती। गुस्साए लोगों ने अब इस पूरे अवैध कारोबार की जांच करने और इसके पीछे शामिल दोषियों पर सख्त से सख्त एक्शन लेने की मांग उठाई है।

