बीकेटी के इटौंजा में धान खरीद में केन्द्र प्रभारी के रवैए से किसान नाराज
पीसीएफ धान क्रय केन्द्र प्रभारी के खिलाफ किसानों ने मुख्यमंत्री से शिकायत करके कार्यवाही की मांग की है। लखनऊ के इटौंजा स्थित कुंडापुर पीसीएफ धान क्रय केन्द्र पर तैनात प्रभारी के द्वारा खरीद में मनमानी करके छोटे किसानों का धान क्रय नही किया जा रहा है। जबकि आढतियों से सांठगांठ करके धान खरीद का लक्ष्य पूरा करने का किसानों ने आरोप लगाया है।
lucknow
6:42 PM, Nov 29, 2025
Share:


बीकेटी के इटौंजा में धान खरीद में केन्द्र प्रभारी के रवैए से किसान नाराज सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश।लखनऊ। पीसीएफ धान क्रय केन्द्र प्रभारी के खिलाफ किसानों ने मुख्यमंत्री से शिकायत करके कार्यवाही की मांग की है। लखनऊ के इटौंजा स्थित कुंडापुर पीसीएफ धान क्रय केन्द्र पर तैनात प्रभारी के द्वारा खरीद में मनमानी करके छोटे किसानों का धान क्रय नही किया जा रहा है। जबकि आढतियों से सांठगांठ करके धान खरीद का लक्ष्य पूरा करने का किसानों ने आरोप लगाया है।
केन्द्र प्रभारी को आढतियों से मिलती है रकम
धान क्रय केन्द्र पर केन्द्र प्रभारी नेहा वर्मा द्वारा धान खरीद में घोर अनियमितताएँ की जा रही हैं। किसानों का धान खरीद में प्रभारी के द्वारा रूचि नहीं दिखाई जा रही है। अन्य ग्रेड व कोई दूसरी कमी निकाल कर धान खरीद से टालमटोल किया जा रहा है। ऐसा इस कारण है कि इनके द्वारा सेंटर पर कईबार सेंटर लगाने से इस व्यवसाय से जुड़े अढतियों से इनका सम्बन्ध है। उनके द्वारा ही बताए किसानों का धान खरीदा जाता है। जिससे इनको अच्छी रकम अढतियों से मिलती है। इस डीलिंग हेतु उन्होंने केन्द्र पर व्यक्तिगत कर्मचारियों को भी लगा रखा है।
आढ़ती करवाते है पूरे रकबे का पंजीकरण
किसान का आरोप है कि, समिति पर एक सीजन में जितना धान खरीदा जाता है वह वास्तविक किसानों का न होकर अढ़तियों का होता है। जो किसान धान की खेती नहीं करते हैं या फिर उसके रकबे में धान की फसल कुछ ही हिस्सों में होती है, फिर भी आठती सम्पूर्ण रकबे का पंजीकरण करा समिति को धान बेंच देते है। यदि कुल खरीद का भौतिक सत्यापन पूरे वर्षवार कराया जाये तो निश्चित ही भ्रष्टाचार उजागर हो जायेगा।
कभी मशीन न चलने का बहाना तो कभी लेट लतीफी
सेंटर पर धान बेंचने हेतु आने वाले स्थानीय किसानों से धान न खरीदना पड़े इसके लिए कभी स्वयं न होने तथा कभी नियत कर्मचारी न होने व कभी धान खरीद प्रक्रिया की मशीन न चलने का बहाना बनाया जाता है। मानमाने तरीके से केन्द्र खुलता है और बंद होता है। केन्द्र पर तिरपाल नही है जिस पर किसान अपना धान उलट सके। इसलिए किसान खुद वहां से चला जाए और किसी आढती अथवा बाहर बाजार में धान बेंच दे।
किसानों के लिए न बैठने की व्यवस्था और पेयजल
सरकार का सख्त निर्देश है कि,सरकारी धान क्रय केन्द्रों पर धान बिक्री के लिए आने वाले किसानों को छांव में बैठने की व्यवस्था केन्द्र प्रभारी द्वारा करवाई जाएगी। इसके साथ ही वहां पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी आने वाले किसानों के लिए होगी। जिससे वह धान बिक्री के दौरान प्यास लगने पर यहां वहां न जाएं।

