नई दिल्ली में RLD के संसदीय बोर्ड की पहली बैठक: जयंत सिंह और K.C त्यागी की अगुवाई में बना बड़ा प्लान
5:06 PM, Jul 8, 2026
R Express भारत
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दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में राष्ट्रीय लोकदल के केंद्रीय संसदीय बोर्ड की पहली बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की कमान संसदीय बोर्ड के मुखिया और पूर्व

नई दिल्ली में RLD के संसदीय बोर्ड की पहली बैठक फोटो सौ0 RExpress भारत
दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में राष्ट्रीय लोकदल के केंद्रीय संसदीय बोर्ड की पहली बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की कमान संसदीय बोर्ड के मुखिया और पूर्व सांसद के.सी. त्यागी ने संभाली। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी जयंत सिंह समेत तमाम बड़े नेता शामिल हुए। इस दौरान पार्टी के भविष्य, संगठन के फैलाव और आगामी चुनावों को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि आने वाले समय में देश की राजनीति में अपनी मजबूत धमक दर्ज कराने का एक ब्लूप्रिंट तैयार करने का जरिया बनी। बैठक की शुरुआत में बोर्ड के सभी नए और पुराने चेहरों ने एक-दूसरे से मुलाकात की और पार्टी को जमीनी स्तर पर एक नई ऊर्जा के साथ आगे ले जाने के तरीकों पर खुलकर बात की।
चौधरी चरण सिंह के विचारों को घर-घर ले जाने का संकल्प
बैठक का सबसे बड़ा मुख्य बिंदु देश के पूर्व प्रधानमंत्री, किसानों के मसीहा और 'भारत रत्न' से सम्मानित स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की नीतियों को आगे बढ़ाना रहा। पार्टी नेताओं ने एक सुर में कहा कि चौधरी चरण सिंह ने हमेशा किसानों, मजदूरों और समाज के पिछड़े वर्गों के हक की लड़ाई लड़ी। आज के समय में उनकी इस सोच को देश के कोने-कोने में रहने वाले आम लोगों तक पहुंचाना बहुत जरूरी है। रालोद अब इसी विचारधारा के सहारे जनता के बीच जाएगी और युवाओं व किसानों को अपने साथ जोड़ेगी।
बैठक में मौजूद नेताओं ने इस बात को माना कि, किसी भी राजनीतिक दल की असली ताकत उसका कैडर और कार्यकर्ता होते हैं। इसलिए, आने वाले दिनों में संगठन के विस्तार को और तेज किया जाएगा। पार्टी अब केवल अपने पारंपरिक गढ़ तक सीमित न रहकर देश के अन्य हिस्सों में भी अपने पैर पसारेगी। इसके लिए एक विशेष रणनीति बनाई गई है, जिसके तहत समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं, महिलाओं और वंचित तबकों को पार्टी की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
एनडीए गठबंधन को मिलेगी और मजबूती
चौधरी जयंत सिंह के नेतृत्व में रालोद फिलहाल केंद्र सरकार का हिस्सा है। बैठक में इस बात पर भी गहन चर्चा हुई कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को जमीनी स्तर पर कैसे और अधिक मजबूत किया जाए। नेताओं ने साफ किया कि गठबंधन की ताकत को बढ़ाने के लिए रालोद के कार्यकर्ता पूरी ताकत से काम करेंगे। जयंत सिंह के नेतृत्व की तारीफ करते हुए सभी सदस्यों ने भरोसा जताया कि, उनके मार्गदर्शन में पार्टी राजनीति के नए शिखर को छुएगी।
आने वाले चुनावों के लिए बनाई रणनीति
इस बैठक को आने वाले राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बैठक में सीटों के समीकरण, उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया और चुनावी मैनेजमेंट को लेकर एक खाका तैयार किया गया है। आने वाले समय में यह संसदीय बोर्ड इसी तरह की नियमित बैठकें करेगा ताकि चुनाव के वक्त सही और जिताऊ उम्मीदवारों के नामों पर बिना किसी देरी के फैसला लिया जा सके।यह बैठक रालोद के इतिहास में एक नया मोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि पार्टी अब पूरी तरह से एक नए रंग-रूप और आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरने को तैयार दिख रही है।

