बिहार-यूपी में बाढ़ का तांडव: बांध टूटने से डूबे सैकड़ों गांव
2:18 PM, Sep 30, 2026
R Express भारत
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देश के दो बड़े सूबे बिहार और उत्तर प्रदेश इस समय पानी की भीषण मार झेल रहे हैं। नेपाल के पहाड़ी इलाकों और उत्तर प्रदेश में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने अब म

sketch by - ( AI )
देश के दो बड़े सूबे बिहार और उत्तर प्रदेश इस समय पानी की भीषण मार झेल रहे हैं। नेपाल के पहाड़ी इलाकों और उत्तर प्रदेश में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने अब मैदानी इलाकों में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। यूपी से आने वाले भारी पानी के कारण बिहार में गंगा और गंडक नदियां पूरी तरह बेकाबू हो चुकी हैं। सबसे खतरनाक स्थिति सारण (छपरा) और गोपालगंज जिलों में बनी हुई है, जहां गंडक नदी का बांध टूटने से लाखों की आबादी जलमग्न हो गई है।
सारण में गंडक का बांध टूटा, आधी रात को मचा हड़कंप
बाढ़ की सबसे खौफनाक तस्वीर सारण और गोपालगंज के सीमावर्ती इलाकों से सामने आई है। भारी पानी के दबाव को न झेल पाने के कारण गंडक नदी का सुरक्षा बांध अचानक टूट गया। बांध टूटते ही तेज रफ्तार पानी आसपास के रिहाइशी इलाकों और खेतों में फैल गया। आधी रात को जब लोग सो रहे थे, तब गांवों में पानी घुसने लगा, जिससे चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य शहरों से पूरी तरह कट गया है। घरों में चार से पांच फीट तक पानी भर चुका है, जिससे लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
इन जिलों में हाई अलर्ट, उफान पर हैं गंगा और गंडक
यूपी के डाउनस्ट्रीम (निचले इलाकों) में पानी का बहाव लगातार बढ़ने से बिहार के कई जिलों में स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। भागलपुर, मुंगेर, सारण, बेगुसराय और पटना समेत कई जिलों में पानी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रहा है। भागलपुर और मुंगेर के दियारा (नदी के बीच के टापू) वाले इलाकों में रहने वाले लोग नावों के सहारे सुरक्षित स्थानों की तलाश में पलायन कर रहे हैं। खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और मवेशियों के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
यूपी में भारी बारिश का बिहार पर डबल अटैक
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तबाही की मुख्य वजह उत्तर प्रदेश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश है। यूपी की नदियों का पानी जब बिहार की तरफ बढ़ा, तो यहां की नदियों ने अपना रास्ता फैलाना शुरू कर दिया। वाल्मीकिनगर बैराज से लगातार लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी ने इस सीजन का सबसे भयानक रूप अख्तियार कर लिया है। पानी की रफ्तार इतनी तेज है कि मिट्टी के बने कई अस्थायी बांध ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं।
ग्राउंड जीरो के हालात: दाने-दाने को तरसे लोग
बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिंदगी पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। बिजली के खंभे डूबने से कई इलाकों में अंधेरा छाया हुआ है और पीने के साफ पानी की भारी किल्लत हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। घर का राशन, कपड़े और कीमती सामान पानी में बह गए हैं। लोग अब ऊंचे बांधों और सड़कों के किनारे तिरपाल तानकर रहने को मजबूर हैं और मदद की गुहार लगा रहे हैं। आने वाले 24 से 48 घंटों में अगर पानी का स्तर कम नहीं हुआ, तो स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो सकती है।

