लखनऊ के फैजुल्लागंज में आई 'बाढ़', घरों में कैद हुए लोग; अस्पताल डूबा, डॉक्टर-मरीज सब लापता!
1:33 PM, Sep 4, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के फैजुल्लागंज चतुर्थ में मूसलाधार बारिश और गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर ने आम जनता की जिंदगी को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है।

लखनऊ के फैजुल्लागंज में आई बाढ़ फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ के फैजुल्लागंज चतुर्थ में मूसलाधार बारिश और गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर ने आम जनता की जिंदगी को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। इलाके के कई हिस्सों में तीन से चार फीट तक पानी जमा हो चुका है, जिससे बाढ़ जैसी भयावह स्थिति बन गई है। हालात इस कदर बदतर हैं कि लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं और रोजमर्रा के सामान के लिए तरस रहे हैं।
शुक्रवार को समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता और उत्तर विधानसभा की प्रभारी पूजा शुक्ला ने सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी और स्थानीय लोगों के साथ प्रभावित इलाकों का पैदल दौरा किया। उन्होंने दाऊद नगर, गाजीपुर बलरामपुर, पवन विहार कॉलोनी, मामा कॉलोनी और स्वास्थ्य भवन जैसी जलमग्न बस्तियों में जाकर जमीनी हकीकत देखी और संकट से जूझ रहे लोगों का दर्द सुना।
कागजी दावों की खुली पोल
दौरे के बाद मीडिया से बात करते हुए पूजा शुक्ला ने सत्तापक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि फैजुल्लागंज में विकास और जल निकासी को लेकर किए गए बड़े-बड़े वादों की सच्चाई पानी में तैरती नजर आ रही है। दाऊद नगर और आसपास के रिहाइशी इलाकों की हालत देखकर कोई नहीं कह सकता कि यह देश के सबसे बड़े राज्य की राजधानी का एक प्रमुख हिस्सा है। सरकार की लापरवाही के कारण आज हजारों लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
डूब चुका है स्वास्थ्य केंद्र, डॉक्टर-मरीज सब लापता
इलाके के लोगों के लिए सबसे बड़ी आफत तब खड़ी हुई जब भाजपा सरकार में बना स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र खुद बाढ़ के पानी में समा गया। पूजा शुक्ला ने आरोप लगाया कि अस्पताल के चारों तरफ भारी जलभराव के कारण वहां तक पहुँचने का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है। इस बदहाली के कारण न तो वहां कोई डॉक्टर ड्यूटी पर आ रहा है और ना ही कोई बीमार मरीज इलाज के लिए पहुंच पा रहा है। आपातकालीन स्थिति में भी लोगों को कोई मेडिकल मदद नहीं मिल पा रही है।
जनता में गहरा आक्रोश
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार ने इलाके में करोड़ों रुपये की लागत से 9 किलोमीटर लंबा नाला बनाने का दावा किया था, लेकिन इस पहली ही गंभीर बारिश ने उस निर्माण की गुणवत्ता और नीयत दोनों की कलई खोल दी। पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं है। पूजा शुक्ला ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द ही इन डूबे हुए इलाकों से पानी निकालने के लिए भारी मोटर पंप नहीं लगाए और प्रभावित परिवारों के लिए खाने-पीने तथा दवाओं का इंतजाम नहीं किया, तो वे जनता को साथ लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगी

