ForeCAT AI: 18 साल के छात्र के आविष्कार पर फिदा हुआ अमेरिका
6:53 PM, Sep 18, 2026
R Express भारत
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हवाई सफर के दौरान अचानक लगने वाले खतरनाक झटकों से अब दुनिया को मुक्ति मिलने वाली है। भारतीय मूल के एक 18 साल के होनहार छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने एक ऐसा चमत

sketch edited by - ( AI )
उत्तर प्रदेश। हवाई सफर के दौरान अचानक लगने वाले खतरनाक झटकों से अब दुनिया को मुक्ति मिलने वाली है। भारतीय मूल के एक 18 साल के होनहार छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने एक ऐसा चमत्कारी एआई मॉडल तैयार किया है, जो आसमान में आने वाले इन अदृश्य खतरों का पहले ही पता लगा लेगा। आदित्य की इस लाजवाब खोज से खुश होकर अमेरिका के प्रतिष्ठित डेविडसन इंस्टीट्यूट ने उन्हें '2026 डेविडसन फेलो लॉरिएट' चुना है। इसके साथ ही उन्हें करीब ₹83 लाख की भारी-भरकम स्कॉलरशिप से नवाजा गया है।
क्या है यह 'ForeCAT' तकनीक और कैसे करती है काम?
आदित्य ने इस एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम को 'ForeCAT' नाम दिया है। आसमान में बिना बादलों के अचानक आने वाले खतरनाक झटकों को विज्ञान की भाषा में 'क्लियर-एयर टर्बुलेंस' कहा जाता है। चूंकि ये झटके बिना किसी चेतावनी के आते हैं, इसलिए रडार भी इन्हें नहीं पकड़ पाते।
आदित्य ने अपने इस मॉडल में न्यूरल नेटवर्क के साथ वायुमंडलीय भौतिकी के नियमों का इस्तेमाल किया है। टेस्टिंग के दौरान इस एआई सिस्टम ने 95% बिल्कुल सटीक नतीजे दिए हैं। इतना ही नहीं, जब मई 2024 में सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट में आए भीषण टर्बुलेंस के पुराने डेटा पर इसे परखा गया, तो इसने 87% सटीकता के साथ सही पूर्वानुमान लगाकर सबको हैरान कर दिया।
एक डरावने अनुभव ने बदल दी सोच
इस शानदार आइडिया के पीछे आदित्य का खुद का एक बेहद डरावना अनुभव था। एक बार फ्लाइट से सफर करते समय उनका विमान अचानक भयानक टर्बुलेंस का शिकार हो गया था। उस वक्त प्लेन में बैठे यात्री बुरी तरह डर गए थे। इसी घटना के बाद आदित्य ने ठान लिया कि वे इसका कोई न कोई पक्का तोड़ जरूर निकालेंगे। वाशिंगटन के बेलव्यू में रहने वाले आदित्य ने किसी बड़ी लैब की मदद के बिना, अपने हाई स्कूल के दौरान ही खुद से रिसर्च करके इस मॉडल को तैयार कर डाला।
उपलब्धियों से भरा है आदित्य का करियर
आदित्य सिर्फ एआई के मास्टर नहीं हैं, बल्कि वे रोबोटिक्स के भी बेहतरीन खिलाड़ी हैं। वे दुनिया की सबसे बड़ी 'VEX रोबोटिक्स वर्ल्ड चैंपियनशिप' में वर्ल्ड वाइड दूसरा स्थान हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा उनका नाम मशहूर 'रीजेनरॉन साइंस टैलेंट सर्च स्कॉलर' में भी शामिल है। आदित्य आगे चलकर कंप्यूटर साइंस और नेचुरल साइंसेज की पढ़ाई करना चाहते हैं। उनका यह आविष्कार आने वाले समय में दुनिया भर की एयरलाइंस के लिए एक वरदान साबित होने वाला है।

