लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का भव्य शुभारंभ: CM और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने किया उद्घाटन
3:24 PM, Jun 8, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्

लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का भव्य शुभारंभ सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आज एक ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अवसर था लखनऊ के मौसम विज्ञान केंद्र को अपग्रेड करके 'क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र' के रूप में परिवर्तित करने का। इस बदलाव से अब उत्तर प्रदेश समेत आसपास के राज्यों में मौसम के सटीक पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन को एक नई दिशा मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और कृषि-प्रधान राज्य के लिए मौसम का सटीक पूर्वानुमान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मौसम विज्ञान केंद्र का क्षेत्रीय केंद्र के रूप में विस्तार होना राज्य के किसानों, आम नागरिकों और आपदा प्रबंधन टीमों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। सीएम योगी ने इस बात पर जोर दिया कि समय पर मिलने वाली मौसम की जानकारी से न केवल फसलों को नुकसान से बचाया जा सकेगा, बल्कि आकाशीय बिजली, बाढ़ और भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय जनधन की हानि को भी न्यूनतम किया जा सकेगा।
आधुनिक तकनीक और उपग्रह प्रणालियों का समन्वय
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जिनके पास प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग का भी प्रभार है, ने इस अवसर पर केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है। अंतरिक्ष विभाग और परमाणु ऊर्जा विभाग की आधुनिक तकनीकों का उपयोग अब सीधे तौर पर मौसम विज्ञान को उन्नत बनाने में किया जा रहा है। लखनऊ का यह नया क्षेत्रीय केंद्र अत्याधुनिक रडार प्रणालियों, उपग्रह डेटा और एआई-संचालित मॉडल्स से लैस होगा, जिससे अब पल-पल बदलते मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सीधा लाभ
इस अपग्रेडेशन का सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों और कृषि क्षेत्र को मिलने जा रहा है। नए क्षेत्रीय केंद्र के माध्यम से अब जिला और ब्लॉक स्तर तक मौसम की सटीक चेतावनियां पहुंचाई जा सकेंगी। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि अंतरिक्ष विभाग के सहयोग से तैयार किए गए नए वेदर मॉडल्स अब पारंपरिक तरीकों से कहीं ज्यादा सटीक परिणाम दे रहे हैं। इससे किसानों को बुवाई, सिंचाई और कटाई के सही समय का निर्धारण करने में मदद मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर मजबूती मिलेगी।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस कार्यक्रम में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी और शोधकर्ता भी शामिल हुए। अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र बनने के बाद अब लखनऊ कार्यालय का दायरा बढ़ गया है। अब यहां से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि इसके पड़ोसी क्षेत्रों की मौसमी गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। इसके लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में नए ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और डॉपलर रडार स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
यह आयोजन इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश में अब विकास की नीतियों को विज्ञान और आधुनिक अनुसंधान के साथ जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। इस नए केंद्र की स्थापना से उत्तर प्रदेश आने वाले समय में मौसम जनित आपदाओं से निपटने में पूरी तरह सक्षम और आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है।

