विधानसभा के सामने हरदोई के परिवार ने किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
4:10 PM, Jun 15, 2026
R Express भारत
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लखनऊ का सबसे हाई-सिक्योरिटी ज़ोन यानी विधानसभा परिसर में सोमवार को उस समय अचानक छावनी और चीख-पुकार के केंद्र में बदल गया, जब एक ही परिवार के कई सदस्यों ने

विधानसभा के सामने हरदोई के परिवार ने किया आत्मदाह का प्रयास सौ0 RExpress भारत
लखनऊ का सबसे हाई-सिक्योरिटी ज़ोन यानी विधानसभा परिसर में सोमवार को उस समय अचानक छावनी और चीख-पुकार के केंद्र में बदल गया, जब एक ही परिवार के कई सदस्यों ने प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर सामूहिक आत्मदाह करने की कोशिश की। घटना के वक्त वहां हड़कंप मच गया। हालांकि, मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल ने गजब की मुस्तैदी दिखाते हुए परिवार को ऐन वक्त पर ऐसा आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी पीड़ितों को हिरासत में ले लिया है और उन्हें समझाने-बुझाने के साथ-साथ मामले की जांच शुरू कर दी है।
संडीला पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पीड़ित परिवार हरदोई जिले के संडीला थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पीड़ितों का आरोप है कि पिछले दिनों उनके साथ कुछ स्थानीय दबंगों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि उनके घर में चोरी की वारदात को भी अंजाम दिया। घटना के बाद पीड़ित न्याय की गुहार लेकर लगातार संडीला थाने के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कई दिनों तक टालमटोल करती रही। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब थाने में उनकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई और दबंग लगातार उन्हें धमकी देने लगे, तो वे पूरी तरह टूट गए और उन्होंने राजधानी जाकर अपनी आवाज़ उठाने का फैसला किया।
हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में मची अफ़रातफ़री
लखनऊ विधानसभा के सामने हमेशा कड़ी सुरक्षा रहती है, इसलिए जैसे ही इस परिवार ने वहां पहुंचकर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़कने या आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया, एलआईयू और पुलिस की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं। पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी करके परिवार के सदस्यों को दबोच लिया और उनके हाथों से संदिग्ध सामग्री छीन ली। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर सिविल अस्पताल भेजा, जहां उनका प्रारंभिक मेडिकल परीक्षण कराया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी को कोई आंतरिक या बाहरी चोट तो नहीं आई है।
शासन स्तर पर मंगाया गया स्पष्टीकरण
इस संवेदनशील घटना की गूंज लखनऊ से लेकर हरदोई तक सुनाई दे रही है। राजधानी में हुए इस घटनाक्रम के बाद लखनऊ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हरदोई पुलिस प्रशासन से तुरंत संपर्क साधा है। संडीला थाने से इस पूरे मामले की केस डायरी और पीड़ितों द्वारा दी गई पुरानी शिकायतों का रिकॉर्ड तलब किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि, यदि स्थानीय स्तर पर पुलिसकर्मियों की लापरवाही या मामले को दबाने की बात सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी निलंबन और विभागीय जांच जैसी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

