रफ्तार का कहर: अज्ञात वाहन की टक्कर से पति और अजन्मे बच्चे की मौत, पत्नी गंभीर
5:29 PM, Aug 19, 2026
R Express भारत
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त्योहार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब गोसाईगंज इलाके में एक तेज रफ्तार अज्ञात गाड़ी ने साइकिल सवार दंपत्ति को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।

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लखनऊ। त्योहार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब गोसाईगंज इलाके में एक तेज रफ्तार अज्ञात गाड़ी ने साइकिल सवार दंपत्ति को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल मजदूर पति की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। वहीं, उसकी गर्भवती पत्नी की जान तो बच गई, लेकिन हादसे के कारण पेट में पल रहे बच्चे की दुनिया में आने से पहले ही मौत हो गई। घायल महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
त्योहार मनाने ससुराल जा रहा था परिवार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाराबंकी के जाट बरौली गांव के रहने वाले 30 वर्षीय हरिलाल निषाद मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते थे। उनके भाई बहादुर ने बताया कि सोमवार दोपहर को हरिलाल अपनी गर्भवती पत्नी सरोज को साइकिल पर बैठाकर नाग पंचमी का त्योहार मनाने के लिए अपनी ससुराल जा रहे थे। उनकी ससुराल सुशांत गोल्फ सिटी के महमूदपुर गांव में है। पूरा परिवार आने वाले नए मेहमान को लेकर बेहद खुश था और त्योहार की तैयारियों में जुटा था।
पीछे से आई मौत बनकर रफ्तार
जैसे ही हरिलाल अपनी पत्नी के साथ गोसाईगंज के गंगागंज इलाके के पास पहुंचे, तभी पीछे से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने उनकी साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों हवा में उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे को अंजाम देने के बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में टूटी सांसें, गर्भ में ही थमी जिंदगी
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने देखा कि सरोज की हालत बहुत ज्यादा खराब थी। डॉक्टरों ने तुरंत उसकी जान बचाने के लिए ऑपरेशन थियेटर में उसका ऑपरेशन किया। लेकिन बेहद दुखद बात यह रही कि इस भयानक टक्कर के असर से पेट में पल रहे बच्चे की कोख में ही मौत हो चुकी थी, जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
दूसरी तरफ, हरिलाल की रीढ़ की हड्डी पूरी तरह टूट चुकी थी और अंदरूनी चोटें बहुत ज्यादा थीं। हालत लगातार बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत बड़े ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। वहां वेंटिलेटर और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हरिलाल ने बुधवार दोपहर को दम तोड़ दिया। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया है। फरार अज्ञात वाहन और उसके ड्राइवर की तलाश की जा रही है।

