HealthWealth Summit: मेंटल हेल्थ को लेकर डॉक्टरों का चौंकाने वाला खुलासा
2:16 PM, Oct 30, 2026
R Express भारत
Share:
नोएडा में चल रहे इंडिया टुडे के प्रतिष्ठित 'HealthWealth Summit 2026' में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। स्वास्थ्य विशे

sketch by - ( AI )
नोएडा में चल रहे इंडिया टुडे के प्रतिष्ठित 'HealthWealth Summit 2026' में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और देश के बड़े डॉक्टरों ने इस समिट में हिस्सा लेते हुए बताया कि आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया के जरिए डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी बीमारियों को लेकर जागरूकता तो बहुत फैली है, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी चिंताजनक है। आंकड़ों के मुताबिक, आज भी 75% लोग मानसिक समस्याओं से जूझने के बावजूद डॉक्टरों के पास जाने या किसी भी तरह की प्रोफेशनल मदद लेने से कतराते हैं।
जागरूकता बढ़ी, लेकिन हिचक नहीं हुई कम
विशेषज्ञों का कहना है कि इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर मेंटल हेल्थ को लेकर खूब बातें हो रही हैं। लोग अब समझने लगे हैं कि डिप्रेशन और एंग्जायटी क्या है। लेकिन जब खुद पर बात आती है, तो लोग इसे स्वीकार करने और इसका सही इलाज कराने से पीछे हट जाते हैं। इस मामले में पिछले 25-30 सालों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है। इलाज कराने वाले या डॉक्टरों से राय लेने वाले लोगों का आंकड़ा आज भी बहुत कम है।
मदद न मांगने के पीछे की बड़ी वजहें
डॉक्टरों ने चर्चा के दौरान उन कारणों पर भी रोशनी डाली जिसकी वजह से लोग खुलकर सामने नहीं आ पाते।समाज में आज भी मेंटल हेल्थ को 'पागलपन' से जोड़कर देखा जाता है, जिससे लोग अपनी बीमारी छिपाते हैं।कई लोगों को लगता है कि यह सिर्फ मूड खराब होना है और वक्त के साथ खुद ही ठीक हो जाएगा।सोशल मीडिया पर आधी-अधूरी जानकारी के कारण लोग सही डॉक्टर या थेरेपिस्ट तक नहीं पहुंच पाते।
एक्सपर्ट्स की सलाह: अब कदम उठाने का वक्त
समिट में मौजूद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि सिर्फ रील्स या पोस्ट देखकर खुश होने से काम नहीं चलेगा। अगर कोई व्यक्ति लगातार दो हफ्ते से ज्यादा समय तक उदास रहता है, उसका किसी काम में मन नहीं लगता या बेवजह घबराहट होती है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। मानसिक बीमारी भी शरीर की अन्य बीमारियों जैसी ही है, जिसे सही काउंसलिंग और दवाओं से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

