UP में भारी बारिश और आसमानी बिजली का तांडव: मुख्यमंत्री ने संभाला मोर्चा
2:22 PM, Jul 10, 2026
R Express भारत
Share:
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश के कई जिलों में आम लोगों की

मुख्यमंत्री ने संभाला मोर्चा फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश के कई जिलों में आम लोगों की जान गई है, बड़े पैमाने पर मवेशियों को नुकसान पहुंचा है और लोगों के आशियाने उजड़ गए हैं। राज्य में बिगड़े हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने आपदा में हुए नुकसान का तुरंत संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करने के निर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री ने इस संकट की घड़ी में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। इसके साथ ही उन्होंने हादसे में घायल हुए सभी लोगों के बेहतर इलाज के इंतजाम करने और उनके जल्द से जल्द ठीक होने की कामना की है। सरकार की कोशिश है कि इस मुश्किल समय में किसी भी पीड़ित को अकेला न छोड़ा जाए।
नुकसान का तुरंत होगा आकलन
अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि, बारिश और बिजली गिरने से जितनी भी इंसानी जानों, मवेशियों और घरों का नुकसान हुआ है, उसका तुरंत हिसाब-किताब लगाया जाए। उन्होंने साफ किया है कि सर्वे का काम पूरा करके अगले 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवारों तक आर्थिक मदद पहुंचा दी जाए। इसके लिए स्थानीय प्रशासन, राजस्व और कृषि से जुड़ी टीमों को पूरी मुस्तैदी से काम पर लगा दिया गया है, ताकि फसलों और घरों के नुकसान का सही मुआवजा तय समय पर मिल सके।
अधिकारी दफ्तर छोड़ जमीन पर उतरें: मुख्यमंत्री
हालात को काबू में करने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी बड़े अधिकारियों को अपने एसी दफ्तरों से बाहर निकलकर सीधे प्रभावित इलाकों का दौरा करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया है कि अधिकारी खुद जमीन पर जाएं, पीड़ितों से सीधा बातचीत करें और उनकी हर जरूरत को पूरा करें। सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि राहत सामग्री और आर्थिक मदद सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे और बीच में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही न हो।इस समय पूरे प्रदेश का प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर है। भारी बारिश को देखते हुए कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके खाने-पीने का इंतजाम करने के लिए स्थानीय स्तर पर राहत शिविर भी सक्रिय किए जा रहे हैं।

