राजनीति में ऐतिहासिक पड़ाव: प्रधान सेवक के 25 वर्षों के सफर पर देश भर में जश्न
3:49 PM, Oct 23, 2026
R Express भारत
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देश के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधान सेवक के रूप में शीर्ष नेतृत्व संभालते हुए लगातार 25 वर्ष का सफर पूरा होने पर देश भर में जश्न क

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देश के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधान सेवक के रूप में शीर्ष नेतृत्व संभालते हुए लगातार 25 वर्ष का सफर पूरा होने पर देश भर में जश्न का माहौल है। इस ऐतिहासिक पड़ाव को चिह्नित करते हुए देश के कई राज्यों की शीर्ष कमेटियों और राजनीतिक गलियारों ने प्रस्ताव पारित कर उनके कुशल मार्गदर्शन, साहसिक फैसलों और विकासपरक नीतियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
इस गौरवशाली अवसर पर मध्य प्रदेश और बिहार की प्रांतीय कमेटियों ने विशेष बैठकें आयोजित कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। इसके साथ ही, देश की केंद्रीय नीति-निर्माता परिषद (केंद्रीय कैबिनेट) और दिल्ली की मुख्य समिति ने भी इस ऐतिहासिक 25 वर्षीय सफर की जमकर प्रशंसा की है।
प्रांतीय बैठकों में पारित हुए विशेष आभार प्रस्ताव
मध्य प्रदेश की प्रांतीय बैठक में शीर्ष नेतृत्व के सुशासन और जन कल्याणकारी नीतियों की सराहना की गई। इस दौरान वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और पूर्ण रूप से विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया गया।मध्य प्रदेश की प्रांतीय बैठक में शीर्ष नेतृत्व के सुशासन और जन कल्याणकारी नीतियों की सराहना की गई। इस दौरान वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और पूर्ण रूप से विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया गया।
5 वर्षों के सफर के ऐतिहासिक और युग बदलने वाले फैसले
बैठकों और राजनेताओं द्वारा इस 25 साल के कार्यकाल के दौरान लिए गए कई ऐसे फैसलों को याद किया गया, जिन्होंने देश की दिशा और दशा बदल दी।जम्मू-कश्मीर में दशकों पुराने गतिरोध को खत्म करते हुए धारा 370 का खात्मा करना और करोड़ों भारतीयों की आस्था के प्रतीक अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण सुनिश्चित करना उनके कार्यकाल के सबसे बड़े और साहसिक निर्णयों में शामिल हैं। इसके अलावा सामाजिक सुधारों के तहत तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं को पूरी तरह समाप्त किया गया।समाज के गरीब, वंचित, शोषित और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई डिजिटल प्रणालियों और सीधे बैंक खातों में मदद पहुंचाने की सराहना की गई, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता आई है।
7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ था यह ऐतिहासिक सफर
इस बेमिसाल राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 7 अक्टूबर 2001 को हुई थी, जब उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्य मार्गदर्शक के रूप में कमान संभाली थी। वहां लगभग 13 वर्षों तक अपनी कुशल प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाने के बाद, साल 2014 में देश के करोड़ों नागरिकों ने उन्हें पूरे राष्ट्र के नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी। तब से लेकर आज तक वे निरंतर बिना रुके देश को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ा रहे हैं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में पूरे देश में विभिन्न संगठनों द्वारा जनसेवा अभियान, प्रदर्शनियां और रक्तदान शिविर आयोजित कर इसे एक उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है।

