लखनऊ में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का भारी हंगामा, बीजेपी अध्यक्ष के घर का किया घेराव
12:57 PM, Oct 9, 2026
R Express भारत
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लखनऊ में एक बार फिर नौकरियों को लेकर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। साल 2018 की 68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़े सैकड़ों अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर बीज

लखनऊ में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का भारी हंगामा फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। लखनऊ में एक बार फिर नौकरियों को लेकर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। साल 2018 की 68,500 शिक्षक भर्ती से जुड़े सैकड़ों अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। लंबे समय से अपनी बारी का इंतजार कर रहे इन युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी बात सीधे बड़े नेताओं तक पहुंचाने के लिए उनके आवास को घेर लिया।
क्या है युवाओं की नाराजगी की वजह?
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का साफ़ कहना है कि इस पूरी भर्ती में उनके साथ बड़ा धोखा हुआ है। नियमों के मुताबिक, पिछड़े वर्ग , अनुसूचित जाति, दिव्यांगों और पूर्व सैनिकों को जो छूट और कोटा मिलना चाहिए था, वह उन्हें नहीं दिया गया। सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के साथ ही उनका रिजल्ट भी जारी कर दिया गया, जिससे कोटा प्रणाली में भारी गड़बड़ी हो गई। इस वजह से नंबर लाने के बावजूद कई योग्य युवा आज सड़कों पर धक्के खाने को मजबूर हैं।
आयोग के फैसले को लागू करने की जिद
युवाओं ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर वे पिछड़ा वर्ग आयोग भी गए थे। आयोग ने उनकी शिकायत को सही पाया था और अफसरों को आदेश दिया था कि वे पिछड़े वर्ग के दिव्यांग साथियों के लिए पासिंग मार्क्स को 40 फीसदी (यानी 150 में से 60 नंबर) मानकर नया रिजल्ट तैयार करें। लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी नेताओं और अफसरों ने इस फैसले पर कोई ध्यान नहीं दिया।
रिजल्ट सुधारकर नौकरी देने की गुहार
बीजेपी अध्यक्ष के दरवाजे पर पहुंचे युवाओं ने मांग की है कि इस भर्ती के नतीजों को दोबारा ठीक किया जाए और जो भी लोग इसके हकदार हैं, उन्हें तुरंत नौकरी दी जाए। युवाओं का कहना है कि वे पिछले कई सालों से सिर्फ वादों के भरोसे जी रहे हैं, लेकिन अब उनके सब्र का बांध टूट चुका है। उन्होंने उन अफसरों पर भी कार्रवाई की मांग की है जिन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में लापरवाही बरती।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया
हंगामे की खबर मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने तो कई अभ्यर्थियों को जबरन गाड़ियों में बिठाकर ईको गार्डन भेज दिया गया। युवाओं का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।

