मोहनलालगंज के भदेसुवा गांव में धर्मांतरण को लेकर भारी बवाल, बजरंग दल ने रुकवाई सभा
5:26 PM, Aug 9, 2026
R Express भारत
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मोहनलालगंज के भदेसुवा गांव में रविवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक स्थानीय चर्च में चल रही प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दि

मोहनलालगंज के भदेसुवा गांव में धर्मांतरण को लेकर भारी बवाल फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ।मोहनलालगंज के भदेसुवा गांव में रविवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक स्थानीय चर्च में चल रही प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर न सिर्फ तीखा विरोध दर्ज कराया, बल्कि वहां चल रहे कार्यक्रम को भी बीच में ही रुकवा दिया।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया, जिसके बाद तुरंत पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे चौकी प्रभारी ने स्थिति को संभाला और माहौल को शांत कराया। पुलिस इस मामले में पादरी समेत पांच लोगों को पूछताछ के लिए अपने साथ थाने ले गई है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार की सुबह भदेसुवा गांव में स्थित चर्च में एक विशेष 'चंगाई सभा' का आयोजन किया गया था। इस सभा में गांव के और आसपास के इलाकों से काफी संख्या में ग्रामीण जुटे थे। इसी बीच बजरंग दल और कुछ अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को गुप्त सूचना मिली कि इस सभा की आड़ में कुछ बाहरी लोग भोले-भाले ग्रामीणों को बहला-फुसला रहे हैं और उन्हें धर्म बदलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही दर्जनों की संख्या में हिंदू कार्यकर्ता चर्च परिसर में दाखिल हो गए। उन्होंने वहां चल रही गतिविधियों पर आपत्ति जताई और नारेबाजी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि यहाँ इलाज और चमत्कार के नाम पर लोगों के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। विरोध बढ़ता देख वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा।
पादरी के भेष में बड़ा खेल
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले में एक स्थानीय व्यक्ति पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हरिश्चंद्र नाम का एक शख्स, जो मूल रूप से इसी क्षेत्र का रहने वाला है, उसने खुद अपना धर्म बदल लिया है। अब वह पादरी की पोशाक पहनकर ग्रामीणों को झांसे में लेता है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि वह खुद को पादरी बताकर लोगों को चंगाई सभाओं के जरिए अपनी तरफ आकर्षित करता है और फिर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाता है।
ग्रामीणों ने बातचीत में बताया कि, भदेसुवा गांव में इस चर्च का निर्माण करीब 15 साल पहले हुआ था। तब से ही यहाँ इस तरह की गतिविधियां रुक-रुक कर चलती आ रही हैं। आरोप यह भी है कि इस छोटे चर्च के तार गनियार गांव में स्थित एक बहुत बड़े चर्च से जुड़े हुए हैं। गनियार का मुख्य चर्च ही इस पूरे खेल की देखरेख करता है और वहीं से सारी फंडिंग और योजनाएं तय की जाती हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच तेज
हंगामे की सूचना मिलते ही मोहनलालगंज थाने की पुलिस टीम मौके पर दौड़ी। चौकी प्रभारी अनूप सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया गया। सुरक्षा और शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने चर्च से पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। इन सभी को गाड़ी में बैठाकर मोहनलालगंज थाने ले जाया गया है, जहाँ बंद कमरे में इनसे पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, वे इस पूरे मामले के हर पहलू को खंगाल रहे हैं। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने और सच्चाई सामने आने के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल गांव में एहतियातन पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न घटे।

