लखनऊ में आयुष बोर्ड दफ्तर के बाहर भारी हंगामा, अधिकारियों को हटाने की उठी मांग
1:56 PM, Jul 30, 2026
R Express भारत
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लखनऊ में आयुष बोर्ड के कामकाज को लेकर माहौल पूरी तरह गरमा गया है। अपनी मांगों को लेकर गुस्साए लोगों ने बोर्ड दफ्तर के बाहर डेरा डाल दिया और जमकर बवाल काटा।

लखनऊ में आयुष बोर्ड दफ्तर के बाहर भारी हंगामा फोटो सौ0 RExpress भारत
उत्तर प्रदेश।लखनऊ में आयुष बोर्ड के कामकाज को लेकर माहौल पूरी तरह गरमा गया है। अपनी मांगों को लेकर गुस्साए लोगों ने बोर्ड दफ्तर के बाहर डेरा डाल दिया और जमकर बवाल काटा। 'माध्यमिक उच्च तकनीकी एवं मेडिकल कॉलेज संयुक्त महासभा' के झंडे तले जुटे इस हुजूम का नेतृत्व अजय कुमार शर्मा कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जिसने प्रदर्शन कर रहे लोगों को दफ्तर के भीतर जाने से रोक दिया। इसके बाद गुस्साए लोग मुख्य दरवाजे पर ही बैठकर नारेबाजी करने लगे।
अफसरों के खिलाफ फूटा गुस्सा, हटाने की जिद
प्रदर्शन कर रहे लोगों का सबसे ज्यादा गुस्सा विभाग के बड़े अफसरों पर दिखाई दिया। मौके पर मौजूद भीड़ ने साफ तौर पर मांग रखी कि प्रमुख सचिव आयुष और बोर्ड के रजिस्ट्रार को तुरंत उनके पदों से हटाया जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि इन अधिकारियों की लापरवाही और ढुलमुल रवैए के कारण पूरा सिस्टम ठप पड़ा है। जब तक इन बड़े चेहरों को जिम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जाता, तब तक व्यवस्था में कोई सुधार देखने को नहीं मिलेगा। इसके साथ ही मांग की गई कि बोर्ड के उपाध्यक्ष को तुरंत पूरा चार्ज सौंप दिया जाए ताकि अटके हुए काम दोबारा पटरी पर आ सकें।
अटकी परीक्षाएं और कोर्ट के फैसले पर रार
प्रदर्शन के दौरान इस बात पर भी गहरा रोष जताया गया कि काफी समय बीत जाने के बाद भी जरूरी परीक्षाएं नहीं कराई जा रही हैं। परीक्षाओं के लटकने की वजह से हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मामले में हाईकोर्ट का एक साफ आदेश भी आ चुका है, लेकिन विभाग के जिम्मेदार लोग उसे लागू करने में जानबूझकर ढिलाई बरत रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अदालत के निर्देशों को पूरी तरह जमीन पर नहीं उतारा जाता और अटकी हुई परीक्षाओं की तारीखें तय नहीं की जातीं, उनका यह हल्लाबोल थमने वाला नहीं है।
वंचित छात्रों के लिए हर्जाने की मांग और मंत्री को अल्टीमेटम
आंदोलन की अगुवाई कर रहे लोगों ने स्कॉलरशिप का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका आरोप है कि बोर्ड की सुस्ती के चलते बहुत से जरूरतमंद छात्र वजीफे (छात्रवृत्ति) का लाभ पाने से चूक गए हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पर संकट आ गया है। संगठन ने मांग की है कि ऐसे सभी प्रभावित छात्रों को तुरंत उचित हर्जाना दिया जाए। इसके अलावा, पूरे विभाग के तौर-तरीकों पर तीखे सवाल उठाते हुए प्रदर्शनकारियों ने सीधे आयुष मंत्री को निशाने पर लिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मंत्री जी या तो इस पूरे मामले पर जल्द से जल्द कोई न्यायसंगत और बड़ा फैसला लें, या फिर अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दें।

