दिल्ली में 'तिरंगा मार्च' पर भारी बवाल: कनॉट प्लेस छावनी में तब्दील, कई नेता हिरासत में
1:06 PM, Oct 16, 2026
R Express भारत
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दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में इस समय जबरदस्त राजनीतिक ड्रामा चल रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर बुलाए गए 'तिरंगा मार्च' ने पूरी राजधानी

sketch by - ( AI )
दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में इस समय जबरदस्त राजनीतिक ड्रामा चल रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर बुलाए गए 'तिरंगा मार्च' ने पूरी राजधानी में खलबली मचा दी है। इस आंदोलन की कमान कॉकरोच जनता पार्टी ने संभाल रखी है। इस संगठन के मुखिया अभिजीत दिपके हैं। अक्सर लोग इस संगठन के शॉर्ट नेम 'सीजेपी' की वजह से इसे तीस्ता सीतलवाड़ वाले पुराने एनजीओ (सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस) से जोड़कर देख रहे हैं, जो कि बिल्कुल गलत है।
आंदोलनकारियों का गुस्सा इस बात पर है कि वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। विपक्षी दल और प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि चुनाव आयुक्त तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
छावनी में तब्दील हुआ इलाका, सेंट्रल पार्क बंद
माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे कनॉट प्लेस इलाके को किले में बदल दिया है। कनॉट प्लेस के मशहूर सेंट्रल पार्क को आम लोगों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि किसी भी बड़ी भीड़ या हुड़दंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है। पुलिस ने आम जनता को साफ हिदायत दी है कि वे इस विरोध प्रदर्शन वाले इलाके से दूरी बनाकर रखें।
सिर्फ चुनिंदा लोगों को झंडा फहराने की छूट
पुलिस ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि वे शहर की शांति से कोई समझौता नहीं होने देंगे। सुरक्षा अधिकारियों ने साफ किया है कि आम जनता को भीड़ लगाने की इजाजत नहीं होगी, लेकिन राष्ट्रगान गाने और तिरंगा लहराने के लिए एक बहुत ही छोटे और तय ग्रुप को एक खास जगह पर अनुमति दी जा सकती है।
सड़कों पर हंगामा, कई कार्यकर्ता हिरासत में
जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने एक्शन लेते हुए कई बड़े चेहरों को अपनी हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में सीजेपी के बड़े नेता सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल हैं। इनके अलावा कुछ पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने गाड़ी में बैठाया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और ज्यादा भड़क गया।
मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालतों तक पहुंच चुका है। एक तरफ प्रदर्शनकारी अपने लोकतांत्रिक अधिकार की दुहाई दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को कायम रखना उनकी पहली जिम्मेदारी है। फिलहाल कनॉट प्लेस और उसके आस-पास के इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात है।

