बेरोजगारी और गृहक्लेश की बलि चढ़ा पति, पत्नी से झगड़े के बाद लगा ली फांसी
2:29 PM, Oct 26, 2026
R Express भारत
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लखनऊ के आशियाना इलाके से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सेक्टर ED-1 में रहने वाले एक शख्स ने अपनी पत्नी से हुए मामूली विवाद के ब

sketch by - ( AI )
लखनऊ के आशियाना इलाके से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सेक्टर ED-1 में रहने वाले एक शख्स ने अपनी पत्नी से हुए मामूली विवाद के बाद फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद से ही पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। चीख-पुकार सुनकर दौड़े पड़ोसियों की मदद से युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मूल रूप से कन्नौज का रहने वाला था परिवार
जानकारी के मुताबिक, 40 वर्षीय प्रदीप दुबे मूल रूप से कन्नौज के सौरिख समरावा इलाके के रहने वाले थे। वह पिछले करीब डेढ़ साल से लखनऊ के आशियाना स्थित सेक्टर ED-1 में एक किराए का मकान लेकर अपनी पत्नी शिल्पी और दो बच्चों के साथ रह रहे थे। प्रदीप पहले एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे, जिससे उनके घर का गुजारा चल रहा था।
कुछ समय से छूटी हुई थी नौकरी
मृतक प्रदीप के भाई संदीप ने बताया कि पिछले कुछ समय से प्रदीप के पास कोई काम-धंधा नहीं था। नौकरी छूट जाने की वजह से वह काफी परेशान चल रहे थे। आर्थिक तंगी और बेरोजगारी के कारण घर में अक्सर छोटी-मोटी बातें होती रहती थीं।
रविवार की रात नशे में हुआ विवाद
संदीप के अनुसार, रविवार की रात को प्रदीप शराब के नशे में घर पहुंचे थे। इस दौरान किसी बात को लेकर उनका अपनी पत्नी शिल्पी के साथ झगड़ा शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि प्रदीप ने गुस्से में आकर अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को कमरे से बाहर निकाल दिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
दरवाजा तोड़ा तो सामने आया खौफनाक मंजर
पति के अचानक कमरा बंद कर लेने से पत्नी शिल्पी घबरा गई। अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने शोर मचाया और दरवाजे को जोर से धक्का देकर खोल दिया। जैसे ही दरवाजा खुला, सामने का नजारा देखकर शिल्पी के होश उड़ गए। प्रदीप कमरे में लगे छत के पंखे से चादर के फंदे के सहारे लटके हुए थे।
अस्पताल पहुंचने से पहले थम चुकी थीं सांसें
शिल्पी और बच्चों की रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए। आनन-फानन में प्रदीप को फंदे से नीचे उतारा गया और तुरंत इलाज के लिए लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद प्रदीप को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल लाने से पहले ही प्रदीप की सांसें थम चुकी थीं। इस घटना ने हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है और बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।

