INDIA गठबंधन की दिल्ली में महारैली: CEC के इस्तीफे की मांग
3:38 PM, Nov 2, 2026
R Express भारत
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दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान एक बार फिर बड़े सियासी दंगल का गवाह बना। विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन ने यहाँ 'वोट बचाओ, देश बचाओ' नाम से एक बहुत बड़ी रैल

photo by - ( AI )
दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान एक बार फिर बड़े सियासी दंगल का गवाह बना। विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन ने यहाँ 'वोट बचाओ, देश बचाओ' नाम से एक बहुत बड़ी रैली की। इस रैली में देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में लोग और कार्यकर्ता पहुंचे। मंच पर कांग्रेस के राहुल गांधी सहित विपक्ष के 21 बड़े नेता एक साथ नजर आए। सभी नेताओं ने मिलकर केंद्र सरकार और चुनाव कराने के तौर-तरीकों पर जमकर निशाना साधा।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की उठी मांग
रैली में सबसे बड़ा मुद्दा वोटिंग की प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का रहा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव ने मंच से सरकार को घेरा। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज के तरीकों की वजह से चुनावी सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर हुआ है। विपक्ष ने दावा किया कि एक खास समीक्षा के नाम पर देश के करीब 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इसी बात से नाराज होकर विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त से तुरंत इस्तीफे की मांग की और इसे जनता के वोटों की सीधी चोरी बताया।
सड़कों पर उतरा विपक्ष का हुजूम
इस बड़ी सभा से पहले विपक्षी नेताओं और समर्थकों ने दिल्ली की सड़कों पर पैदल मार्च भी निकाला। मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त इलाकों से होते हुए कार्यकर्ताओं का हुजूम रामलीला मैदान पहुंचा। रैली में बड़ी संख्या में युवा और छात्र संगठनों के लोग भी शामिल थे, जो हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी कर रहे थे। राहुल गांधी ने अपने भाषण में साफ कहा कि देश की मुख्य संस्थाओं और आम जनता के अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ यह लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है।
बीजेपी का तीखा पलटवार: रैली को बताया पूरी तरह फेल
दूसरी तरफ, सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के इस शक्ति प्रदर्शन पर तुरंत करारा जवाब दिया। बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस रैली को पूरी तरह से 'फ्लॉप' यानी फेल करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सत्ता से बाहर होने की वजह से छटपटा रहा है। बीजेपी ने दावा किया कि रैली में कुर्सियां खाली पड़ी थीं और जनता ने विपक्ष के इस ड्रामे को पूरी तरह नकार दिया है। इसके साथ ही, बीजेपी ने उसी दिन दिल्ली की सड़कों पर 'लोकतंत्र बचाओ' के नारे के साथ अपना एक अलग प्रदर्शन किया और पुराने मुद्दों को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। कुल मिलाकर, इस रैली के बाद देश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है।


