अरुणाचल में भारत-चीन फेस-ऑफ, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
2:07 PM, Oct 23, 2026
R Express भारत
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अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने एक बड़ा खुलासा करते हुए

sketch by - ( AI )
अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हालात एक बार फिर गंभीर हो गए हैं। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारत और चीन के सैनिकों के बीच आमना-सामना की स्थिति बनी हुई है। सरकारी स्तर पर लंबे समय के बाद यह पहली बार है जब किसी बड़े अधिकारी ने सीमा पर जारी इस तनाव की खुलकर पुष्टि की है। इस खुलासे के बाद देश की सियासत भी गरमा गई है और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है।
सीमा पर क्या हैं जमीनी हालात?
ITBP के महानिदेशक ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि पिछले कुछ दिनों में अरुणाचल बॉर्डर पर चीनी सेना की तरफ से घुसपैठ या उकसावे की कोशिशें हुई हैं। इसके जवाब में भारतीय जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए चीनी सैनिकों को पीछे धकेला है। सीमा पर कई रणनीतिक पॉइंट्स पर दोनों सेनाएं एक-दूसरे के सामने डटी हुई हैं। आईटीबीपी प्रमुख ने यह भी साफ किया कि चीनी चुनौतियों से निपटने के लिए भारतीय जवानों को खास ट्रेनिंग दी जा रही है। जवानों को ड्रोन तकनीक से लैस करने के साथ-साथ 'शौर्य कमांडो' की विशेष टीमें तैनात की गई हैं, जो किसी भी आपात स्थिति का जवाब देने के लिए चौबीसों घंटे अलर्ट पर हैं।
कांग्रेस का तीखा वार: 'आखिर सरकार चुप क्यों है?'
इस खुलासे के तुरंत बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर सरकार के रवैये को लेकर गंभीर सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना है कि जब सीमा पर देश के जवान चीन की आक्रामकता का सामना कर रहे हैं, तो प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्रालय इस मुद्दे पर देश को अंधेरे में क्यों रख रहे हैं? विपक्ष ने आरोप लगाया कि एक तरफ चीन हमारी सीमाओं पर दबाव बना रहा है, और दूसरी तरफ भारत का चीन के साथ व्यापारिक घाटा लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर देश के सामने आकर सच बताना चाहिए।
बढ़ सकती है दोनों देशों में तल्खी
विशेषज्ञों का मानना है कि सेना के शीर्ष अधिकारी की तरफ से आया यह बयान बेहद संवेदनशील है। पूर्वी लद्दाख में हुए विवाद के बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ अभी पूरी तरह पिघली नहीं थी कि अब अरुणाचल प्रदेश से आई इस खबर ने चिंताएं और बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक घमासान और तेज होने के आसार हैं।

