वैश्विक मंच पर भिड़े भारत-पाक, आतंकवाद और पुराने युद्ध को लेकर छिड़ी तीखी जंग
4:10 PM, Sep 26, 2026
R Express भारत
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संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जब अंतरराष्ट्रीय मंच स

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उत्तर प्रदेश। संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच जबरदस्त जुबानी जंग देखने को मिली है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जब अंतरराष्ट्रीय मंच से कश्मीर राग अलापा और पुराने सैन्य टकरावों को लेकर अपने देश की कथित 'जीत' का दावा किया, तो भारतीय खेमे ने भी तुरंत और बेहद आक्रामक तरीके से इसका जवाब दिया। भारत की युवा राजनयिक पेटल गहलोत ने इस पूरे ड्रामे को झूठ का पुलिंदा करार देते हुए पड़ोसी देश को उसकी असली जगह दिखाई।
भारतीय पक्ष ने दो-टूक लहजे में चेतावनी दी है कि सीमाओं के पार हिंसा और अशांति फैलाने की इस खतरनाक नीति का अंजाम पाकिस्तान के लिए बेहद बुरा होने वाला है। भारत ने साफ कर दिया कि जो देश खुद को आतंकवाद के दलदल से बाहर नहीं निकाल पा रहा, वह दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने गिरेबान में झांके।
हवाई पट्टियों की तबाही को 'जीत' मान रहा पाकिस्तान
शहबाज शरीफ के उस दावे पर, जिसमें उन्होंने भारत के खिलाफ जंग जीतने की बात कही थी, भारतीय प्रतिनिधि ने करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर तबाह हो चुके रनवे और जले हुए विमान घर ही पाकिस्तान की नजर में जीत की परिभाषा हैं, तो वे इस खुशफहमी में जिंदगी गुजार सकते हैं। असलियत यह है कि जंग के दौरान पाकिस्तानी सेना ने खुद सामने से आकर लड़ाई रोकने की गुहार लगाई थी, जिसकी तस्वीरें आज भी हर जगह मौजूद हैं।
डबल गेम और कठपुतली राज का पर्दाफाश?
भारत ने पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान के उस दोहरे चेहरे को उजागर किया, जो एक तरफ तो शांति की बड़ी-बड़ी बातें करता है और दूसरी तरफ आतंकवादियों की फौज पालता है। वैश्विक समुदाय को याद दिलाया गया कि यह वही मुल्क है, जिसने दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को अपनी सैन्य अकादमी के ठीक बगल में सालों तक छिपाकर वीआईपी सुरक्षा दे रखी थी।
पाकिस्तानी हुकूमत के ढांचे पर प्रहार करते हुए भारतीय राजनयिक ने कहा कि वहां की सरकार पूरी तरह से "सेना की, सेना द्वारा और सेना के लिए" चलाई जा रही है। वहां के प्रधानमंत्री सिर्फ एक मोहरा हैं, जबकि असली रिमोट कंट्रोल फौज के हाथ में है।
अपने देश के बिगड़े हालात पर मौन
भारत ने पाकिस्तान को उसके घरेलू संकटों पर भी बुरी तरह घेरा। भारतीय पक्ष ने कहा कि जिस देश की सरकार को अपने ही नागरिकों के गुस्से और विरोध प्रदर्शनों से बचने के लिए अपनी राजधानी को छावनी में बदलना पड़ रहा है, वह दूसरों को लोकतंत्र और मानवाधिकार सिखा रहा है। साथ ही वहां अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर भी पाकिस्तान को आईना दिखाया गया। भारत ने अंत में बिल्कुल स्पष्ट कर दिया कि पूरा जम्मू-कश्मीर देश का हिस्सा है और रहेगा।

