UN में भारत का बड़ा एक्शन: 'कठपुतली सरकार' पाकिस्तान को PoK खाली करने की आखिरी चेतावनी
2:41 PM, Oct 25, 2026
R Express भारत
Share:
संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर कड़ा सबक सिखाया है। संयुक्त राष्ट्र महासभाकी तीसरी समिति की बैठक के दौरान भारतीय राजनयिक रघु पुरी

sketch by - ( AI )
संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर कड़ा सबक सिखाया है। संयुक्त राष्ट्र महासभाकी तीसरी समिति की बैठक के दौरान भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने पाकिस्तान के झूठे प्रोपेगैंडा की धज्जियां उड़ा दीं। भारत ने साफ लफ्जों में कहा कि पाकिस्तान इस बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल सिर्फ भारत के खिलाफ जहर उगलने के लिए करता है, ताकि दुनिया का ध्यान उसके अपने घर में चल रही बर्बादी से भटकाया जा सके।
भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान की अंदरूनी राजनीति और वहां के खराब हालातों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मौजूदा पाकिस्तानी सरकार को 'फॉर्म 47 की सरकार' करार दिया। इसका सीधा मतलब यह है कि यह सरकार जनता की चुनी हुई नहीं, बल्कि पाकिस्तानी सेना की कठपुतली है, जो सिर्फ फौज के इशारों पर नाच रही है। भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह दूसरों के मामलों में टांग अड़ाने के बजाय अपने देश की बदहाल अर्थव्यवस्था, चरमराती कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों के हनन को ठीक करने पर ध्यान दे।
इस बैठक में भारत ने पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों की दयनीय स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। भारतीय राजनयिक ने कहा कि जो देश अपने खुद के नागरिकों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने में पूरी तरह नाकाम रहा है, उसे मानवाधिकारों पर ज्ञान देने का कोई हक नहीं है। खैबर पख्तूनख्वा से लेकर बलूचिस्तान तक आम जनता पर हो रहे अत्याचारों ने पाकिस्तान के असली चेहरे को दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है।
बयान के आखिरी हिस्से में भारत ने अपनी संप्रभुता को लेकर सबसे सख्त रुख अपनाया।
भारतीय प्रतिनिधि ने दोटूक शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं और हमेशा रहेंगे। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि वह अपने अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों को तुरंत खाली करे।
ग्लोबल मंच पर भारत के इस कड़े रुख ने साफ कर दिया है कि वह अपने खिलाफ होने वाले किसी भी झूठे दुष्प्रचार को बर्दाश्त नहीं करेगा और पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब कूटनीतिक स्तर पर देता रहेगा।

