हॉकी में भारत का ऐतिहासिक छक्का: जापान को 4-1 से रौंदा
4:22 PM, Nov 6, 2026
R Express भारत
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भारतीय हॉकी ने एक बार फिर दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। मोहाली के मैदान पर खेले गए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में भारत ने जापान को 4-1 से कर

photo by - ( AI )
भारतीय हॉकी ने एक बार फिर दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। मोहाली के मैदान पर खेले गए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में भारत ने जापान को 4-1 से करारी शिकस्त देकर इतिहास रच दिया। इस धमाकेदार जीत के साथ ही भारतीय टीम ने लगातार तीसरी बार और कुल छठी बार इस बड़े टूर्नामेंट की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। पूरे मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा ऐसा था कि जापानी टीम शुरुआती मिनटों से लेकर आखिरी सीटी बजने तक दबाव से उबर नहीं पाई।
शुरुआत से ही भारत का आक्रामक खेल
मैच की शुरुआत से ही भारतीय फॉरवर्ड लाइन ने जापान के डिफेंस पर धाबा बोल दिया। भारत की तरफ से पहला गोल मैच के शुरुआती क्वार्टर में ही देखने को मिला, जिसने स्टेडियम में मौजूद हजारों फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद टीम इंडिया ने अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी। जापानी टीम ने वापसी की कुछ कोशिशें जरूर कीं, लेकिन भारतीय मिडफील्डर्स और डिफेंडर्स की दीवार को भेदना उनके लिए नामुमकिन साबित हुआ।
जापान की चुनौती हुई ध्वस्त
हाफ टाइम तक भारत ने मैच पर पूरी तरह से नियंत्रण बना लिया था। जापान ने तीसरे क्वार्टर में एक गोल दागकर वापसी की मामूली उम्मीद जगाई, लेकिन इसके जवाब में भारतीय शेरों ने एक के बाद एक गोल दागकर जापानी टीम की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। भारत की तरफ से पासिंग गेम और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने का सटीक तालमेल देखने को मिला। जापान की टीम भारत की रफ्तार और रणनीतिक खेल के सामने बेबस नजर आई।
रिकॉर्ड्स की बौछार
यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक है। भारतीय टीम अब इस टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे सफल टीम बन गई है। लगातार तीन बार खिताब जीतना यह साफ करता है कि एशिया में इस वक्त भारतीय हॉकी को टक्कर देना किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल है। टीम के कोच और कप्तान की जुगलबंदी मैदान पर साफ नजर आई, जहां हर खिलाड़ी ने अपनी भूमिका को बखूबी निभाया।
इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद देशभर में जश्न का माहौल है। खेल प्रेमियों से लेकर पूर्व दिग्गजों तक, हर कोई इस टीम की तारीफों के पुल बांध रहा है। मोहाली का यह मैदान इस ऐतिहासिक पल और भारत के इस शानदार प्रदर्शन का गवाह हमेशा बना रहेगा।


