भारत-ब्रिटेन स्वास्थ्य समझौता: आम जनता तक पहुंचेगी सस्ती चिकित्सा तकनीक
5:39 PM, Oct 31, 2026
R Express भारत
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लंदन में आयोजित 'भारत-ब्रिटेन स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन' में ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्री जेम्स फ्रिथ ने दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य सेवा नवाचारको तेजी से आगे बढ

Photo by - (chat GPT )
लंदन में आयोजित 'भारत-ब्रिटेन स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन' में ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्री जेम्स फ्रिथ ने दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य सेवा नवाचारको तेजी से आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि चिकित्सा तकनीक और स्वास्थ्य क्षेत्र में होने वाले आधुनिक आविष्कारों का लाभ केवल चुनिंदा लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह बड़े पैमाने पर दुनिया के हर आम नागरिक तक सुलभ और किफायती दरों पर पहुंचना चाहिए।
इस द्विपक्षीय साझेदारी के तहत दोनों देशों की साझा शक्तियों को मिलाकर एक नया रोडमैप तैयार किया जा रहा है। भारत की डिजिटल हेल्थकेयर क्षमता, व्यापक उत्पादन आधार और किफायती चिकित्सा समाधान बनाने की विशेषज्ञता के साथ ब्रिटेन की उच्च-स्तरीय अनुसंधान और तकनीकी क्षमता मिलकर वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करेंगी।
आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और उपकरणों पर ध्यान
इस सहयोग का एक बड़ा हिस्सा चिकित्सा उपकरणों के व्यापार को सुगम बनाना है। व्यापार वार्ताओं के सकारात्मक मोर्चे के तहत सर्जिकल उपकरण, ईसीजी मशीनें और एक्स-रे प्रणालियों जैसे भारतीय चिकित्सा उपकरणों को ब्रिटिश बाजारों में बेहतर पहुंच मिलने की राह साफ हो रही है। इससे न केवल उपकरणों की लागत में कमी आएगी, बल्कि दोनों देशों के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को कम कीमत पर अत्याधुनिक तकनीकें उपलब्ध हो सकेंगी।
शोध और पारंपरिक चिकित्सा का समन्वय
साझेदारी को मजबूत करने के लिए वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के सहयोग पर भी बड़ा दांव लगाया गया है। चिकित्सा अनुसंधान को गति देने के लिए एक विशेष वित्तीय और तकनीकी ढांचा तैयार किया गया है, जिसके तहत दोनों देशों के विशेषज्ञ मिलकर गंभीर बीमारियों के इलाज और नई दवाओं की खोज पर काम करेंगे।
इसके साथ ही, डिजिटल हेल्थटेक क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदमों की ब्रिटेन के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सराहना की है। भारत जहां बड़े पैमाने पर डिजिटल प्रणालियों के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं का लोकतंत्रीकरण कर रहा है, वहीं पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों जैसे कि आयुष को भी वैश्विक मानकों के साथ जोड़कर इस नवाचार तंत्र का हिस्सा बनाने की तैयारी की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य एक समग्र और एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करना है जो शारीरिक और मानसिक कल्याण दोनों को बढ़ावा दे सके।
लंदन से जारी इस आधिकारिक संदेश ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत और ब्रिटेन की यह जुगलबंदी आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मानवीय, सुलभ और किफायती बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

