मोबाइल चोरी व साइबर ठगी गैंग के पांच बदमाश महिंगवा पुलिस ने किए गिरफतार
4:39 PM, Jun 26, 2026
R Express भारत
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लखनऊ की कमिश्नरेट पुलिस को अपराधियों और शातिर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना महिगवां पुलिस और साइबर क्राइम सेल की स

लखनऊ में मोबाइल चोर और साइबर ठगों के अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ की कमिश्नरेट पुलिस को अपराधियों और शातिर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना महिगवां पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने मिलकर एक ऐसे अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो राह चलते लोगों के मोबाइल फोन चोरी करता था और फिर उन फोन का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाता था। पुलिस ने इस गिरोह के पांच सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। अपराधियों के पास से भारी मात्रा में चोरी के मोबाइल, नकदी और वारदात में इस्तेमाल होने वाले वाहन बरामद किए गए हैं।
ऐसे जाल बिछाकर पुलिस ने दबोचा
क्षेत्र में लगातार बढ़ रही मोबाइल चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी महिगवां राधेश्याम मौर्य के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस मिशन में तकनीकी मदद के लिए पुलिस ने साइबर क्राइम सेल को भी साथ लिया। पुलिस टीम लगातार संदिग्धों पर नजर रख रही थी और मुखबिरों का जाल बिछाया गया था। सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी करते हुए संयुक्त टीम ने गिरोह के पांचों अभियुक्तों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी बेहद शातिर हैं और अलग-अलग जिलों में घूम-घूम कर वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस ने जब गिरफ्तार किए गए आरोपियों की तलाशी ली और उनके ठिकानों पर छापेमारी की, तो उनके पास से अपराध की दुनिया में इस्तेमाल होने वाला भारी सामान बरामद हुआ। पुलिस टीम ने अभियुक्तों के कब्जे से 11 एंड्रॉयड स्मार्टफोन,3 की-पैड मोबाइल फोन,₹8,358/- नकद,1 स्विफ्ट डिजायर कार और 1 स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
चोरी के फोन से करते थे साइबर फ्रॉड
पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह सिर्फ मोबाइल चोरी तक सीमित नहीं था। फोन चोरी करने के बाद ये लोग उसमें मौजूद सिम कार्ड और बैंकिंग ऐप्स का गलत इस्तेमाल करते थे। जिन लोगों के फोन अनलॉक होते थे या जिनका डेटा आसानी से मिल जाता था, उनके बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कर लिए जाते थे। अंतरजनपदीय गिरोह होने के कारण ये एक जिले में वारदात कर तुरंत दूसरे जिले में भाग जाते थे, जिससे इन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता था।थाना महिगवां पुलिस की इस मुस्तैदी और साइबर टीम के तकनीकी सहयोग की वजह से इस बड़े रैकेट का अंत हो सका है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इनके तार कहीं और तो नहीं जुड़े हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

