ईरान ने खोला होर्मुज का रास्ता, भारत-चीन के जहाजों को बड़ी रियायत
5:19 PM, Nov 4, 2026
R Express भारत
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ग्लोबल ट्रेड और समुद्री रास्तों को लेकर ईरान ने एक ऐसा चौंकाने वाला फैसला लिया है, जिसने दुनिया भर के कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

photo by - ( chat GPT )
उत्तर प्रदेश।ग्लोबल ट्रेड और समुद्री रास्तों को लेकर ईरान ने एक ऐसा चौंकाने वाला फैसला लिया है, जिसने दुनिया भर के कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत, चीन, इराक और कतर के व्यापारिक जहाजों को आवाजाही पर लगी पाबंदियों से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। ईरानी संसद की विदेश नीति समिति के बड़े अधिकारियों के मुताबिक, इन चार देशों के जहाज अब इस बेहद संवेदनशील समुद्री रास्ते से बिना किसी डर के सुरक्षित गुजर सकेंगे। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस रूट पर तैनात अमेरिकी सेना भी इन जहाजों को नहीं रोक रही है।
आखिर ईरान ने इन 4 देशों को ही क्यों चुना?
ईरान का यह कदम कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि इसके पीछे उसकी गहरी चाल और रणनीतिक हित छिपे हैं। जानकारों का मानना है कि, ईरान ने हर देश की भू-राजनीतिक स्थिति को देखकर यह पासा फेंका है।ईरान इस समय भारत से आने वाली लाइफ-सेविंग दवाओं पर काफी हद तक निर्भर है। वह नहीं चाहता कि तनाव के कारण उसके देश में दवाइयों का संकट खड़ा हो। वैश्विक मंच पर अमेरिका के खिलाफ चीन एक बड़ी ताकत है। ईरान इस छूट के बदले बीजिंग से मजबूत कूटनीतिक और राजनीतिक समर्थन हासिल करना चाहता है।कतर के साथ संबंधों को मजबूत रखने के लिए ईरान ने न सिर्फ उसके जहाजों को रास्ता दिया है, बल्कि उनसे कोई टैक्स या टोल भी नहीं वसूल रहा है।पड़ोसी और मित्र देश होने के नाते इराक को भी इस सुरक्षित समुद्री गलियारे का सीधा फायदा दिया गया है।
बनाया गया स्पेशल सेफ कॉरिडोर, वसूला जा रहा है टोल
समुद्र में जहाजों की सुरक्षा को पक्का करने के लिए ईरान ने अपनी सीमा के अंदर लारक द्वीप के उत्तरी हिस्से से एक 'विशेष सुरक्षित रास्ता' तैयार किया है। इस रास्ते से गुजरने वाले भारत और चीन के जहाजों से ईरान बाकायदा ट्रांजिट फीस वसूल रहा है। इस पूरे रूट की निगरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना और पोर्ट अथॉरिटी कर रही है, जो जहाजों के कागजात और सामान की जांच के बाद उन्हें सुरक्षित आगे बढ़ा रहे हैं।
अमेरिका और इजरायल के लिए नो-एंट्री
एक तरफ जहाँ ईरान ने इन चार देशों के लिए रेड कारपेट बिछा दिया है, वहीं अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के लिए इस रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक कर रखा है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि उनके विरोधी देशों के जहाजों को इस रूट से निकलने की इजाजत किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी।
देखा जाए तो ईरान ने इस एक फैसले से अमेरिका की नाकेबंदी की हवा निकाल दी है। इससे जहाँ एक तरफ भारत और चीन जैसे बड़े देशों को राहत मिली है, वहीं आने वाले दिनों में मध्य-पूर्व के समुद्री रास्तों पर तनाव और ज्यादा गहराने की आशंका बढ़ गई है।


