होमवीडियो
ब्रेकिंग
sliderimg
sliderimg

जगदीशपुर: एमिटी स्कूल में सजी काव्यात्मक महफिल, बच्चों ने दिखाया हुनर

6:36 PM, Nov 3, 2026

मुस्कान​ सिंह
R Express भारत

Share:

किताबी ज्ञान से इतर बच्चों की रचनात्मकता और उनके भीतर छिपे हुनर को एक नया आसमान देने के लिए जगदीशपुर स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में एक शानदार कवि सम्मेलन

जगदीशपुर: एमिटी स्कूल में सजी काव्यात्मक महफिल, बच्चों ने दिखाया हुनर

एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में कवि सम्मेलन फोटो सौ0 RExpress भारत

उत्तर प्रदेश।जगदीशपुर।  किताबी ज्ञान से इतर बच्चों की रचनात्मकता और उनके भीतर छिपे हुनर को एक नया आसमान देने के लिए जगदीशपुर स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में एक शानदार कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। स्कूल के हिंदी विभाग की तरफ से आयोजित इस खास महफिल में कक्षा 6 से लेकर 10वीं तक के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और अपनी बेहतरीन कविताओं से सबका दिल जीत लिया। पूरा कार्यक्रम स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती पूर्णिमा घोषाल की देखरेख और उनकी प्रेरणादायी सोच के साथ पूरा हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों की झिझक को दूर कर उनके बोलने की कला को निखारना था।

इस काव्यात्मक महफिल में बच्चों ने किसी एक विषय पर नहीं, बल्कि समाज से जुड़े हर पहलू पर अपनी कलम चलाई। देशप्रेम की भावना से लेकर पर्यावरण को बचाने की गुहार, बचपन की यादें, सामाजिक ताने-बाने, अध्यात्म और जीवन के संघर्ष जैसे संजीदा मुद्दों को बच्चों ने बेहद खूबसूरती और जोश के साथ मंच पर रखा। सबसे खास बात यह रही कि ज्यादातर बच्चों ने खुद की लिखी हुई कविताएं पढ़ीं, जिसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स दंग रह गया।

मंच पर उतरे नन्हे कवियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। देवांश ने ‘हम बच्चे हैं प्यारे’ पढ़कर सबका ध्यान खींचा, तो वहीं साक्षी ने ‘हमारा अनमोल जीवन’ के जरिए जिंदगी की अहमियत बताई। अदिति श्रीवास्तव ने ‘हमारे स्कूल के अध्यापक’ पढ़कर शिक्षकों के प्रति सम्मान जताया। शगुन शुक्ला ने ‘यह संसार हमारा’ और शौर्य प्रताप सिंह ने ‘बात किसी ने समझाई नहीं’ जैसी कविताओं से माहौल को बांध दिया।

बढ़ते प्रदूषण पर प्रमित त्रिपाठी ने ‘पर्यावरण मेरी आपकी पुकार’ के जरिए सचेत किया। राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगते हुए अथर्व सिंह ने ‘भारत मेरी पहचान’ और उन्नति पटेल ने ‘भारत की कथा’ की दमदार प्रस्तुति दी। शौर्य तिवारी ने भगवान नरसिंह पर एक बेहद ओजपूर्ण और जोशीली कविता पढ़ी, जिसे खूब तालियां मिलीं। वहीं, अथर्व पांडेय ने ‘कुरुक्षेत्र की पुकार’, सर्वेश यादव ने ‘ओ कलियुग के अर्जुन’, हर्षित यादव ने ‘गिर जाना मेरा अंत नहीं’ और स्वास्तिका सिंह ने ‘मैं उत्तर प्रदेश’ शीर्षक से अपनी रचनाएं पेश कर महफिल में चार चांद लगा दिए।

इस पूरी प्रतियोगिता को परखने और विजेताओं को चुनने की जिम्मेदारी प्रखर गुप्ता और अंशिका चंद्रा ने बखूबी निभाई। कार्यक्रम के दौरान हिंदी विभाग की ओर से प्रिंसिपल मैम का विशेष आभार जताया गया, जहां छात्रा अंशिका चंद्रा ने उन्हें एक खूबसूरत स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

बच्चों की इन शानदार प्रस्तुतियों को देखकर स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती पूर्णिमा घोषाल बेहद गद्गद नजर आईं। उन्होंने बच्चों की खुलकर तारीफ की और कहा कि पढ़ाई का मतलब सिर्फ किताबों को रटना नहीं है, बल्कि बच्चों के अंदर जो अनोखा टैलेंट छिपा है, उसे बाहर निकालना और उन्हें एक सही मंच देना है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों में भाषा के प्रति लगाव तो बढ़ता ही है, साथ ही उनका आत्मविश्वास भी सातवें आसमान पर पहुंचता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर बच्चे में कोई न कोई खूबी जरूर होती है, बस जरूरत है तो उसे सही समय पर पहचान कर तराशने की। हिंदी विभाग का यह प्रयास वाकई काबिले-तारीफ रहा, जिसने बच्चों में साहित्य के प्रति एक नया जोश भर दिया।

विज्ञापन

विज्ञापन

सम्बंधित खबर

अपना शहर

और देखें

विज्ञापन

Follow Us:

Download App

Play Store

Subscribe Now

Play StoreR Express Bharat
Develop & Design by SpriteEra IT Solutions

Copyright © RexpressBharat, 2026