जमुई वायरल वीडियो: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी के पैर में लगी गोली
1:51 PM, Sep 23, 2026
R Express भारत
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बिहार के जमुई में 19 सितंबर को कोचिंग से लौट रही 10वीं की छात्रा और उसके दोस्त से सरेराह हुई दरिंदगी के मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दब

sketch by - ( AI )
उत्तर प्रदेश।बिहार के जमुई में 19 सितंबर को कोचिंग से लौट रही 10वीं की छात्रा और उसके दोस्त से सरेराह हुई दरिंदगी के मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है। नदी के पास छिपे बैठे आरोपी ने जब भागने के लिए गोलियां चलाईं, तो जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी। इस मामले में अब तक 7 से अधिक लोगों को पकड़ा जा चुका है। सोशल मीडिया पर इस वारदात का वीडियो वायरल होने के बाद बिहार में सियासी घमासान चरम पर पहुंच गया है।
सुनसान रास्ते पर घेरा, फिर बनाई रील
यह पूरी घटना जमुई-लखीसराय रोड के पास मड़वा पहाड़ी इलाके की है। पीड़ित छात्रा अपने एक सहपाठी के साथ शाम के वक्त वहां से गुजर रही थी। इसी दौरान वहां मौजूद मनचलों के गुट ने उन्हें जबरन रोक लिया। लड़कों ने छात्रा के साथ भद्दी और शर्मनाक हरकतें कीं, जबकि उसके दोस्त को बेरहमी से पीटा। हैवानियत की हद तो तब पार हो गई जब इस पूरी वारदात का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड कर दिया गया।वीडियो वायरल होते ही पूरे देश में गुस्से की लहर दौड़ गई।
नदी किनारे एनकाउंटर की पूरी कहानी
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की विशेष टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी। तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस को पता चला कि, मुख्य आरोपी नंदन यादव अपने साथी हरेराम यादव के साथ क्यूल नदी के कछार में लंबी घासों के बीच छिपा बैठा है। तड़के सुबह जैसे ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की, आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। खुद को बचाने और आरोपी को रोकने के लिए पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जो सीधे नंदन के पैर में जा लगी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को तुरंत दबोच लिया और अस्पताल में भर्ती कराया।
पटना से दिल्ली तक सियासी संग्राम
इस घटना ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे राजनीतिक पारा पूरी तरह गरमाया हुआ है।विपक्ष के बड़े नेताओं, जिनमें राहुल गांधी और तेजस्वी यादव शामिल हैं, ने इस वीडियो को बेहद परेशान करने वाला बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि, सूबे में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं और सरकार का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है। प्रशांत किशोर ने भी तंज कसते हुए कहा कि मोरल पुलिसिंग के नाम पर समाज में गुंडागर्दी बढ़ रही है।
सरकार और एनडीए के नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि, अपराधियों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जा रहा है। पुलिस के इस कड़े एक्शन ने साफ कर दिया है कि सूबे में कानून का राज है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए बिहार के आला अफसरों से 7 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट मांगी है।

