Janmashtami 2026: आज रात पूजा का महामुहूर्त और व्रत पारण का सही समय
5:58 PM, Sep 4, 2026
R Express भारत
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देश से लेकर विदेशों तक आज यानी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मदिन बेहद धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

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उत्तर प्रदेश। देश से लेकर विदेशों तक आज यानी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मदिन बेहद धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जब आधी रात में रोहिणी नक्षत्र का संयोग बना था, तब कंस के अत्याचारों का अंत करने के लिए जगत के पालनहार विष्णु जी ने कान्हा के रूप में धरती पर अवतार लिया था। इस साल व्रत रखने की सही तारीख, रात की पूजा की सटीक टाइमिंग और व्रत खोलने के नियमों को लेकर भक्तों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, लड्डू गोपाल का जन्म आधी रात के समय हुआ था। इस विशेष समय को ज्योतिष शास्त्र में निशिता काल पूजा कहा जाता है।आज रात 11:57 मिनट से शुरू होकर मध्यरात्रि 12:43 मिनट तक रहेगा।भक्तों को भगवान के अभिषेक, मनमोहक श्रृंगार और महाआरती के लिए कुल 45 मिनट का महामुहूर्त मिलेगा। इस दौरान रोहिणी नक्षत्र और जयंती योग का ऐसा अद्भुत मेल बन रहा है, जिसमें मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है।
व्रत खोलने का सबसे सही समय
जो श्रद्धालु आज दिनभर का उपवास रख रहे हैं, उन्हें व्रत खोलते समय नियमों का खास ध्यान रखना चाहिए। ज्योतिषियों के अनुसार, अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के खत्म होने के बाद ही उपवास खोलना सबसे उत्तम माना जाता है। इस गणना के हिसाब से कल शनिवार को सुबह 11:23 बजे के बाद ही व्रत का पारण करें।
बड़े मंदिरों में आधी रात को गूंजेंगे जयकारे
कान्हा की जन्मभूमि मथुरा और वृंदावन में आज सुबह से ही पैर रखने की जगह नहीं है। श्री कृष्ण जन्मभूमि, बांके बिहारी मंदिर और प्रेम मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों और देशी-विदेशी फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। इसके अलावा देश के सभी बड़े इस्कॉन मंदिरों में भी आज दिनभर झांकियां, कीर्तन और झूलन सेवा चल रही है। आज रात ठीक 12 बजे जैसे ही कान्हा का जन्म होगा, पूरा माहौल 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जयकारों से गूंज उठेगा।

