Jio IPO: आकाश अंबानी का धमाका, 7 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ रचा इतिहास
1:55 PM, Oct 23, 2026
R Express भारत
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भारतीय शेयर बाजार में इस समय सिर्फ एक ही नाम की गूंज है—रिलायंस जियो। देश के सबसे अमीर कारोबारी परिवार के वारिस आकाश अंबानी के नेतृत्व में आया जियो प्लेटफॉ

sketch by - (AI )
भारतीय शेयर बाजार में इस समय सिर्फ एक ही नाम की गूंज है—रिलायंस जियो। देश के सबसे अमीर कारोबारी परिवार के वारिस आकाश अंबानी के नेतृत्व में आया जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ निवेशकों के लिए ब्लॉकबस्टर साबित हुआ है। बोली लगाने के आखिरी दिन यानी 23 अक्टूबर तक इस आईपीओ को लेकर बाजार में ऐसी दीवानगी देखी गई कि यह 7 गुना से भी ज्यादा सब्सक्राइब हो गया। ₹30,213 करोड़ का यह आईपीओ भारतीय स्टॉक मार्केट के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन चुका है।
बड़े दिग्गजों और आम निवेशकों ने लगाया दिल खोलकर पैसा
बाजार के जानकारों के मुताबिक, जियो के इस मेगा आईपीओ में सबसे ज्यादा जोश बड़े संस्थागत निवेशकों ने दिखाया, जिनका हिस्सा 13 गुना से अधिक भरा है। वहीं, आम रिटेल निवेशकों ने भी इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया और उनका कोटा भी लगभग दोगुना बुक हुआ है। भारी मांग के चलते आखिरी दिन तक इस इश्यू को 7 गुना से अधिक की कुल बोलियां मिल चुकी हैं। रिलायंस समूह की नई पीढ़ी यानी आकाश अंबानी और ईशा अंबानी के लिए यह एक बड़ी परीक्षा थी, जिसमें वे पूरी तरह खरे उतरे हैं।
प्राइस बैंड, लॉट साइज और जरूरी तारीखें
अगर इस आईपीओ की बारीकियों पर नजर डालें, तो कंपनी ने प्रति शेयर की कीमत ₹1,065 से ₹1,119 के बीच तय की थी। आम निवेशकों के लिए कम से कम 12 शेयरों का एक लॉट खरीदना जरूरी था, जिसके लिए करीब ₹13,428 का निवेश करना पड़ा। 23 अक्टूबर को यह आईपीओ बंद हो चुका है। अब सभी की नजरें शेयरों के बंटवारे पर हैं, जो 26 अक्टूबर को होने की उम्मीद है। इसके बाद 28 अक्टूबर को जियो के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो जाएंगे।
ग्रे मार्केट में बंपर मुनाफे के संकेत
आईपीओ बंद होने के साथ ही अनऑफिशियल मार्केट यानी ग्रे मार्केट (GMP) में भी हलचल तेज हो गई है। बाजार के एक्सपर्ट्स के अनुसार, जियो का शेयर ग्रे मार्केट में करीब ₹245 से ₹254 के तगड़े प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों को 22 फीसदी से ज्यादा का बंपर मुनाफा देखने को मिल सकता है।
कहाँ खर्च होगा जुटाया गया पैसा?
रिलायंस समूह इस आईपीओ से मिलने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा (लगभग ₹27,500 करोड़) अपनी टेलीकॉम विंग के पुराने कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल करेगा। इसके अलावा, बची हुई रकम से कंपनी देश भर में अपनी 5G सेवाओं का जाल बिछाने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नए जमाने की क्लाउड कंप्यूटिंग तकनीकों को तेजी से अपग्रेड करने पर काम करेगी। आने वाले दिनों में यह लिस्टिंग शेयर बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

