मड़ियांव में खुशबू की अचानक मौत से उजड़ा हंसता-खेलता परिवार, वजह जानकर कांप उठेगा दिल
3:49 PM, Oct 10, 2026
R Express भारत
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मड़ियांव के अल्लू नगर डिगुरिया इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 32 वर्षीय महिला ने मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया।

sketch by - ( chat GPT )
लखनऊ।मड़ियांव के अल्लू नगर डिगुरिया इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 32 वर्षीय महिला ने मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया। घर के भीतर पंखे के फंदे से लटककर महिला ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस हादसे के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पारिवारिक कलह या डिप्रेशन बनी वजह?
जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान 32 वर्षीय खुशबू के रूप में हुई है, जो अपने पति पुष्पेंद्र और दो बच्चों के साथ मड़ियांव के अल्लू नगर डिगुरिया में रहती थीं। पुष्पेंद्र पेशे से शिक्षामित्र हैं। खुशबू के पति ने बताया कि वह पिछले काफी समय से गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) से जूझ रही थीं। उनका व्यवहार भी पहले से काफी बदल गया था और वह अक्सर परेशान रहती थीं। शुक्रवार को जब घर में कोई खास हलचल नहीं थी, तभी खुशबू ने कमरे के भीतर जाकर दुपट्टे का फंदा बनाया और पंखे के सहारे झूल गईं।
इस दुखद घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। खुशबू अपने पीछे दो मासूम बच्चे छोड़ गई हैं। घटना के बाद से परिजनों का हाल बेहाल है और आसपास के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर कोण से जांच की जा रही है और परिजनों व पड़ोसियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरी
ऐसी घटनाएं समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी को दर्शाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से तनाव या उदासी के लक्षण दिखा रहा हो, तो उसे पेशेवर मदद और परिवार के सहयोग की अत्यंत आवश्यकता होती है। समय पर बातचीत और सही परामर्श से मानसिक संकट से जूझ रहे लोगों की मदद की जा सकती है।
यदि आप या आपके जानने वाले किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, तो कृपया सरकारी या गैर-सरकारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर मदद लें।

