रास्ते के झगड़े में मजदूर को लाठियों से पीटा, अस्पताल में तोड़ा दम, पड़ोसियों पर लगा हत्या का आरोप
5:19 PM, Jul 25, 2026
R Express भारत
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गोसाईगंज थाना क्षेत्र के उम्मीद खेड़ा गांव में जमीन और रास्ते के पुराने विवाद को लेकर एक मजदूर की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि शु

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लखनऊ।गोसाईगंज थाना क्षेत्र के उम्मीद खेड़ा गांव में जमीन और रास्ते के पुराने विवाद को लेकर एक मजदूर की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि शुक्रवार की रात करीब 9 बजे जब मजदूर काम से लौट रहा था, तभी पड़ोसियों ने उसे रास्ते में घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। लहूलुहान हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह पूरा मामला गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उम्मीद खेड़ा गांव का है। यहाँ रहने वाले 41 वर्षीय महेश पेशे से मजदूर थे और मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते थे। महेश का अपने ही पड़ोसियों के साथ घर के सामने के रास्ते को लेकर पिछले कई सालों से विवाद चल रहा था। बात-बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी होती रहती थी। मृतक की मां सुमित्रा देवी का कहना है कि आरोपी पहले भी कई बार उनके बेटे को रास्ते के इस झगड़े को लेकर जान से मारने की धमकी दे चुके थे। लेकिन परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि यह रंजिश एक दिन महेश की जान ले लेगी।
रात के अंधेरे में घेरा, अधमरा कर भागे हमलावर
मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह महेश हमेशा की तरह मजदूरी करने के लिए घर से निकला था। दिनभर काम करने के बाद रात करीब 9 बजे वह पैदल ही अपने घर वापस लौट रहा था। वह जैसे ही गांव के रास्ते पर पहुँचा, पहले से घात लगाकर बैठे पड़ोस के ही रहने वाले राजन, सेवा, अचूक और शिवम ने उसे रोक लिया। पुराने विवाद को लेकर उन्होंने महेश के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। महेश कुछ समझ पाता, इससे पहले ही चारों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला बोल दिया।
आरोपियों ने महेश को तब तक बेरहमी से पीटा जब तक वह जमीन पर गिरकर बेहोश नहीं हो गया। जब वह पूरी तरह लथपथ हो गया और हिलने-डुलने के लायक नहीं रहा, तो हमलावर उसे मरा हुआ समझकर मौके से भाग निकले।
अस्पताल में इलाज के दौरान थमी सांसें
महेश की मां सुमित्रा देवी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वह गांव वालों की मदद से मौके पर पहुँचीं। आनन-फानन में तड़प रहे महेश को सिविल अस्पताल ले जाया गया। महेश के शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं और काफी खून बह चुका था। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि देर रात इलाज के दौरान महेश की सांसें थम गईं।महेश के परिवार में अब सिर्फ उसकी बूढ़ी मां सुमित्रा देवी बची हैं। कुछ साल पहले ही महेश ने अपनी बेटी अनीता की शादी की थी, जबकि उसकी पत्नी सुनीता काफी समय पहले ही उसे छोड़कर किसी और के साथ चली गई थी। तब से महेश अपनी मां का इकलौता सहारा था।
परिवार ने लगाया देरी का आरोप
इस पूरे मामले में मृतक की बेटी अनीता और मां सुमित्रा ने नाराजगी भी जताई है। उनका कहना है कि वारदात के बाद मौके पर पुलिस तो पहुँच गई थी, लेकिन महेश को अस्पताल पहुँचाने में तत्परता नहीं दिखाई गई। ज्यादा खून बह जाने की वजह से महेश की जान चली गई। अगर समय रहते उसे सही इलाज मिल जाता, तो शायद वह आज जिंदा होता।
दूसरी तरफ, घटना की गंभीरता को देखते हुए गोसाईगंज पुलिस तुरंत एक्शन में आई। इस मामले पर बात करते हुए गोसाईगंज के इंस्पेक्टर दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक की मां की शिकायत के आधार पर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चारों हमलावरों को अपनी कस्टडी में ले लिया है और उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।

