लखनऊ में वकीलों का बवाल: मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका, लगे तीखे नारे
1:21 PM, Oct 8, 2026
R Express भारत
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लखनऊ का कलेक्ट्रेट परिसर आज उस समय छावनी में बदल गया, जब बड़ी संख्या में वकीलों ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त हंगामा किया। कचहरी चौराहे पर जुटे सैकड़ों

कचहरी चौराहे पर भारी हंगामा फोटो सौ0 RExpress भारत
लखनऊ का कलेक्ट्रेट परिसर आज उस समय छावनी में बदल गया, जब बड़ी संख्या में वकीलों ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त हंगामा किया। कचहरी चौराहे पर जुटे सैकड़ों अधिवक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके प्रतीकात्मक पुतले को जूतों की माला पहनाई और उसे आग के हवाले कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली।
वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप
प्रदर्शन कर रहे वकीलों का साफ कहना है कि हालिया चुनाव प्रक्रियाओं और मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। आरोप है कि खास रणनीतियों के तहत असली वोटरों के नाम लिस्ट से गायब किए जा रहे हैं, जिससे जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है। वकीलों ने चेतावनी दी कि, चुनाव व्यवस्था की इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गूंजे विवादित और राजनीतिक नारे
कचहरी चौराहे पर वकीलों के गुस्से का गुबार इस कदर फूटा कि पूरा इलाका नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने बेहद तीखे तेवर अपनाते हुए “वोट चोर कहां मिलेगा, बीजेपी के दफ्तर में मिलेगा” जैसे सीधे राजनीतिक नारे लगाए। वकीलों ने सत्ताधारी दल और चुनाव प्रबंधन के बीच साठगांठ का सीधा आरोप मढ़ा। पुतले को फूंकने के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया, जिसे संभालने में पुलिस के पसीने छूट गए।
सुरक्षा व्यवस्था फेल, वकीलों ने घेरा चौराहा
आमतौर पर बेहद व्यस्त रहने वाले कचहरी चौराहे पर इस अप्रत्याशित आंदोलन से लंबा जाम लग गया। हालांकि मौके पर पुलिस बल तैनात था, लेकिन वकीलों की भारी तादाद और उनके उग्र तेवरों के आगे सुरक्षा इंतजाम नाकाफी साबित हुए। प्रदर्शनकारी काफी देर तक चौराहे पर डटे रहे और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था बहाल करने की मांग करते रहे। वकीलों के इस बड़े कदम ने अब लखनऊ के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

